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- वैक्सीनेशन की शुरुवात के साथ पीएम मोदी ने दी चेतावनी छलका दर्द...
Posted by : achhiduniya
16 January 2021
कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत के अपने संबोधन में पीएम मोदी भावुक हो गए। उन्होंने उन लोगों को याद किया जिनकी इस महामारी की वजह से जान चली गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के उस वक्त को याद करके सिहरन होती है, दुख होता है। पीएम मोदी ने कहा कि जैसा धैर्य देश के लोगों ने कोरोना के खिलाफ जंग में दिखाया, वैसा ही धैर्य अभी वैक्सीनेशन के समय भी
दिखाना होगा। दूसरे चरण में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगवाने का लक्ष्य है। पीएम मोदी ने देश के वैज्ञानिकों को बधाई दी और कहा कि ये दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू हो रहा है। बेहद कम समय में दो कोरोना वैक्सीन तैयार हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों डोज लगवाना जरूरी है और टीका लगवाते ही आप ऐसा कभी न करें कि कोरोना के एहतियाती उपायों को भूल जाएं। मास्क, दो गज की दूरी इन सभी बातों का पालन करना अभी भी जरूरी है। पीएम मोदी ने वैक्सीनेशन प्रोग्राम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि भारत की वैक्सीन देश के मौसम के अनुकूल है। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय वैक्सीन दुनिया की बाकी वैक्सीन्स के मुकाबले काफी सस्ती है। भारतीय वैक्सीन का स्टोरेज बेहद आसान है। देश में आज 2300 से ज्यादा वैक्सीनेशन लैब हैं। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र सिर्फ मिट्टी, पानी, कंकड़, पत्थर से नहीं बनता, बल्कि राष्ट्र का मतलब होता है हमारे लोग। संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, देशवासियों ने कभी आत्मविश्वास खोया नहीं। जब भारत में कोरोना पहुंचा तब देश में कोरोना टेस्टिंग की एक ही लैब थी, हमने अपने सामर्थ्य पर विश्वास रखा और आज 2,300 से ज्यादा नेटवर्क हमारे पास है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के वैक्सीन वैज्ञानिक, हमारा मेडिकल सिस्टम, भारत की प्रक्रिया की पूरे विश्व में बहुत विश्वसनीयता है। हमने ये विश्वास अपने ट्रैक रिकॉर्ड से हासिल किया है। इतिहास में इस प्रकार का और इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है। मैं ये बात फिर याद दिलाना चाहता हूं कि कोरोना वैक्सीन की 2 डोज लगनी बहुत जरूरी है। पहली और दूसरी डोज के बीच, लगभग एक महीने का अंतराल भी रखा जाएगा। दूसरी डोज लगने के 2 हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध जरूरी शक्ति विकसित हो पाएगी। भारत की वैक्सीन ऐसी तकनीक पर बनाई गई है जो भारत में ट्राइड और टेस्टेड है। ये वैक्सीन स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक भारतीय स्थितियों और परिस्थितियों के अनुकूल हैं। यही वैक्सीन भारत को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत दिलाएगी।



