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- सीएम ममता बनर्जी को अपने ही दगा देने पर उतारू...
Posted by : achhiduniya
21 January 2021
पश्चिम
बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के
करीबी रहे
फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने बड़ा सियासी दांव खेलते हुए पश्चिम
बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक तीन महीने पहले उन्होंने अपनी नई पार्टी बना ली है।
अब्बास सिद्दीकी ने अपने नए दल को इंडियन सेक्युलर फ्रंट नाम दिया है। पार्टी की
लॉन्चिंग के दौरान अब्बास
सिद्दीकी ने कहा,किंगमेकर बनने की इच्छा है,
नया
राजनीतिक संगठन इंडियन सेक्युलर फ्रंट पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकता है। 38 वर्षीय अब्बास सिद्दीकी एक समय ममता बनर्जी के मुखर समर्थक थे। मगर बीते कुछ महीनों से उन्होंने ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। सिद्दीकी ने ममता सरकार पर मुस्लिमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। बंगाल की करीब 100 सीटों पर फुरफुरा शरीफ दरगाह का प्रभाव है। ऐसे में चुनाव से पहले दरगाह के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी का खुद की पार्टी बना लेना
ममता के लिए सियासी रूप से फायदे का सौदा नहीं साबित होने वाला है। कुछ वक्त से सिद्दीकी ममता से नाराज चल रहे हैं और खुले रूप से तृणमूल कांग्रेस का विरोध करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद ओवैसी ने साफ किया था कि वह बंगाल में अब्बास सिद्दीकी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। अपनी नई पार्टी बनाने के साथ अब्बास सिद्दीकी की नजर बंगाल चुनाव में मुस्लिम वोटरों पर होगी। 31 फीसदी वोट शेयर के साथ
मुस्लिम वोटर यहां किंगमेकर की भूमिका में रहते हैं। 2011 में ममता बनर्जी की धमाकेदार जीत के पीछे भी यही वोटबैंक था। राज्य की 294 सीटों में से 90 से ज्यादा सीटों पर इस वोटबैंक का सीधा प्रभाव है। फुरफुरा शरीफ दरगाह के चुनाव में उतरने से ममता के इस मजबूत वोट बैंक में सेंध लगने की पूरी संभावना है और ऐसा हुआ तो ममता का तीसरी बार पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का सपना अधूरा रह सकता है।



