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कृषि कानूनों का दूरगामी दुष्परिणाम किसानो के साथ मध्यवर्ग को भी भुगतना पड़ेगा..राहुल गांधी ने चेताया...
Posted by : achhiduniya
20 January 2021
कृषि सुधारों को लेकर कांग्रेस की पिछली कोशिशों पर उठाए जा रहे सवालों पर कांग्रेस के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हमने खेती को लेकर रिफॉर्म की बात की,उसको खत्म करने की बात नहीं की। कृषि कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं इस पर कुछ बोलना नहीं चाहता। सुप्रीम कोर्ट की रियलिटी पूरे देश ने देख ली है। राहुल
गांधी ने किसानों की पीड़ा पर एक बुकलेट जारी करते हुए कहा कि कृषि देश का सबसे बड़ा उद्यम है। अब इसमें भी तीन कानूनों के जरिए एकाधिकार लाया जा रहा है। खेती-किसानी को बर्बाद किया जा रहा है। इसकी मार मध्यवर्ग पर सबसे अधिक पड़ने जा रही है। इसकी मार युवाओं पर भी पड़ेगी। तीनों कानूनों को वापस लिए बगैर कोई समाधान नहीं आएगा। देश में चार पांच उद्योगपतियों का एकाधिकार हो रहा है। वहीं किसानों को भड़काने के बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आरोपों पर राहुल गांधी ने कहा कि वह क्या करते हैं, देश जानता है। भट्टा परसौल में किसानों के साथ मैं खड़ा था, नड्डा जी नहीं। मैं मोदी जी से नहीं डरता। वे लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। हां, गोली मार सकते हैं, पर छू नहीं सकते। ये ठीक से सुन लें। उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि ये समझना गलत है कि ये सत्याग्रह सिर्फ़ किसानों के लिए है। इन तीन कृषि-विरोधी कानूनों का असर मध्यम वर्ग पर भी पड़ेगा। जब APMC नष्ट हो जाएंगे और अनाज के दाम आसमान छुएंगे। मोदी जी सिर्फ़ अपने पत्रकार और पूंजीपति मित्रों के लिए काम कर रहे हैं। आज सच्चाई सबके सामने है।

