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- ई-कॉमर्स पॉलिसी में पारदर्शिता के लिए सरकार तैयार कर रही मसौदा...
Posted by : achhiduniya
22 January 2021
केंद्र
सरकार जल्द ही ई-कॉमर्स पॉलिसी ला रही है। एफडीआई पॉलिसी
के तहत एक नया प्रेस नोट 3 भी जल्द ही जारी किया जा सकता
है। खुदरा कारोबारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल के साथ एक प्रतिनिध मंडल ने केंद्रीय
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी। खंडेलवाल ने बताया कि पीयूष गोयल ने
आश्वासन दिया कि भारत में ई-कॉमर्स व्यवसाय को देश के व्यापारियों और उपभोक्ताओं
द्वारा ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करने के अनुकूल बनाया जाएगा। ई-कॉमर्स व्यवसाय
में एक समान स्तर की प्रतिस्पर्धा वाला व्यापारिक मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। जिससे अधिक से अधिक व्यापारियों को व्यापार के
अतिरिक्त अवसर के रूप में ई-कॉमर्स को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। पीयूष
गोयल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि उनका मंत्रालय एक मजबूत ई-कॉमर्स पॉलिसी लाने
की तैयारी कर रहा है और एफडीआई नीति के तहत एक नया प्रेस नोट 3 भी जल्द ही जारी किया जायेगा। जिसमें प्रेस
नोट 2 के प्रावधानों का उल्लंघन करने जैसे सभी रास्तों को बंद किया
जाएगा। खंडेलवाल ने बताया कि जब ऑनलाइन कारोबार के किसी भी माध्यम से वस्तुओं और
सेवाओं के
ऑनलाइन लेनदेन में लगे प्रत्येक ई-कॉमर्स इकाई के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन
का सुझाव कैट द्वारा दिया गया तो उसकी पीयूष गोयल ने सराहना की। उन्होंने बैठक में
मौजूद अधिकारियों से सुझाव पर काम करने को कहा। गोयल ने कहा कि सरकार व्यापारियों
के मुद्दों के प्रति बहुत संवेदनशील है और सरकार व्यापार करने में आसानी प्रदान
करने के लिए प्रतिबद्ध है। क्योंकि व्यापारी अर्थव्यवस्था की वास्तविक रीढ़ की
हड्डी हैं और किसी भी संकट के समय, व्यापारी
हमेशा मदद के लिए आगे रहे हैं। जीएसटी टैक्सेशन सिस्टम को
आसान बनाने के लिए कैट
के सुझाव पर पीयूष गोयल ने आश्वासन दिया कि वह निश्चित रूप से केंद्रीय वित्त
मंत्री निर्मला सीतारमण से बात करेंगे और कैट को उन्होंने सलाह दी की वो भी इस
मामले पर अपना एक विस्तृत ज्ञापन वित्त मंत्री को देकर अपनी कठिनाइयों से उन्हें
अवगत कराएं।



