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- खालसा पंथ का झंडा फहराया लाल किले पर आंदोलनकारी किसानो ने....
Posted by : achhiduniya
26 January 2021
दिल्ली की सीमाओं पर बीते दो महीने से अधिक समय
से आंदोलन कर रहे किसानों को गणतंत्र किसान परेड निकालने के लिए जो रूट और समय तय
किए गए थे उसकी अवहेलना करते हुए किसान समय से पहले टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर लगे
बैरीकेड को तोड़ते हुए राष्ट्रीय राजधानी की सीमा में प्रवेश कर गए। वहीं, किसान बैरिकेड तोड़कर लाल किले पर पहुंच गए और खालसा पंथ
का झंडा फहरा
दिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने ट्रैक्टर रैली के निर्धारित समझौते को दरकिनार करते हुए करनाल बाईपास, मुकरबा चौक, ट्रांसपोर्ट नगर, अक्षरधाम, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर में विभिन्न मोर्चो का निर्माण किया। हजारों किसान राष्ट्रीय राजधानी में पैदल और ट्रैक्टर पर सवार होकर घुस गए हैं और अर्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस के जवान को उन्हें नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। गणतंत्र दिवस पर आयोजित किसानों की टैक्टर रैली निर्धारित रूटों की सीमा तोड़ कर भीतरी रिंग रोड होते हुए आईटीओ के पास पहुंच गई जहां प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने
के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। गौरतलब है की दिल्ली पुलिस ने वार्षिक गणतंत्र दिवस परेड के बाद ट्रैक्टर रैली की अनुमति दी थी। इससे पहले पुलिस के साथ बातचीत के दौरान, प्रदर्शनकारियों से कहा गया था कि वे राजपथ पर समारोह को बाधित नहीं कर सकते हैं, यहां तक कि किसानों ने भी जोर देकर कहा कि उनकी परेड शांतिपूर्ण होगी। हालांकि अपने वादे से मुकरते हुए, किसानों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और रैली को निर्धारित समय से बहुत पहले शुरू
कर दिया था। वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ट्रैक्टर रैली शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। ट्रैक्टर रैली के दौरान कुछ जगह पर हो रही हिंसा मेरी जानकारी में नहीं है। दिल्ली की ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी सिंह ने कहा कि, हम सुबह से किसानों से अपील कर रहे हैं कि जो रास्ता दिल्ली पुलिस के साथ बैठक में तय हुआ है उसका पालन करें। काफी लोग उस रास्ते से चले गए हैं लेकिन कई लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की,बैरिकेड तोड़े। हमारे कुछ लोग घायल हुए हैं।



