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- किसान आंदोलन पर खुल कर बोले राजनैतिक दल... जाने किसने क्या कहा....?
Posted by : achhiduniya
29 January 2021
तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों की रद करने की मांग
को लेकर जहां सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को किसानों का विरोध प्रदर्शन 65वें दिन
में प्रवेश कर गया है, वहीं यूपी बॉर्डर पर भारतीय
किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदर्शनकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है और वह किसानों
के साथ धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को जारी धरने के बीच राकेश टिकैत ने कहा है कि
हम यह जगह खाली नहीं करेंगे। हम अपनी मांगों को लेकर
केंद्र सरकार से बात करेंगे
और अपना पक्ष रखेंगे। साथ ही राकेश टिकैत ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए
रखें। 26 जनवरी की हिंसक घटना के बाद लगने लगा था कि किसानों का आंदोलन खत्म हो
जाएगा, लेकिन भाजपा के कुछ नेताओं के बयान के बाद आंदोलन को एक नई धार
मिलती हुई नजर आ रही है। सभी पार्टियां अब एकजुट होकर दिल्ली बॉर्डर पर किसानों को
फिर से भेजने लगी हैं। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस से राज्यसभा
सांसद दिग्विजय सिंह ने
किसानों पर की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक
दलों से किसानों के समर्थन में ट्विटर से आगे चलकर सड़कों पर उतरने का आह्वान किया
है। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, जिन 16
राजनीतिक दलों ने किसान विरोधी कानूनों के कारण राष्ट्रपति अभिभाषण का बहिष्कार
किया है, उन्हें किसानों के पक्ष में ट्विटर से आगे चल कर, सड़कों पर उतरना चाहिए। राजनाथ जी, आपने टिकैत जी के पक्ष में कंधे से कंधा मिला कर किसानों के लिए
संघर्ष करने का
वादा किया था, अब कब करेंगे? समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय
अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि सबका पेट भरने वाले
किसानों को भाजपा भूखा-प्यासा रखकर व झूठे आरोप लगाकर हराना चाहती है। अखिलेश ने
शुक्रवार को ट्वीट के माध्यम से लिखा कि सबका पेट भरने वाले किसानों को भाजपा भूखा-प्यासा रखकर व झूठे
आरोप लगाकर हराना चाहती है, लेकिन चंद भाजपाइयों को
छोड़कर सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानी आज भी किसानों के
साथ खड़े हैं। सपा किसानों के
साथ है। इसके पहले उन्होंने लिखा कि जिस तरह छल-बल का प्रयोग कर भाजपा सरकार
किसानों के आंदोलन को कुचल रही है, उससे
किसानों के साथ-साथ हर सच्चे भारतीय की आत्मा रो रही है। किसान अगले चुनाव में
सरकार की क्रूरता का जवाब वोट से देंगे। आज भाजपा जिन किसानों को सड़क से उठा रही
है, वो कल भाजपा को ही सड़क पर ले आएंगे। गाज़ीपुर बॉर्डर से
राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने कहा कि, आज संसद
के सत्र का पहला दिन है और ये मुद्दा संसद के अंदर भी उठना चाहिए। अगर सरकार पीछे
हटती है तो इससे उनकी कमजोरी नहीं झलकेगी। प्रधानमंत्री सब विषयों पर बोलते हैं, किसान के बारे में भी बोल दें।




