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- आंखें मूंदे हुए क्यों है, कुछ कर क्यों नहीं रहे...? सुप्रीम कोर्ट हुई सरकार पर सख्त
Posted by : achhiduniya
28 January 2021
सुप्रीम कोर्ट ने तबलीगी जमात की मीडिया
रिपोर्टों के खिलाफ जमीयत उलेमा ए हिंद व पीस पार्टी समेत अन्य लोगों की याचिका पर
सुनवाई के दौरान 26 जनवरी की घटना {किसान ट्रैक्टर
रैली हिंसक प्रदर्शन} पर टिप्पणी करते हुए प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार
इस मुद्दे पर आंखें मूंदे हुए क्यों है,कुछ
कर क्यों नहीं रही है? गणतंत्र दिवस वाले दिन किसान
आंदोलन के तहत किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली थी, जो हिंसक हो गई थी और कई जगहों पर तोड़फोड़ की गई थी। कोर्ट ने कहा कि कुछ समाचारों पर नियंत्रण उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि कुछ निवारक उपाय अपनाना और कानून और व्यवस्था की स्थिति की जांच करना। मैं नहीं जानता कि आप इसके लिए आंखें बंद किए क्यों हैं। सीजेआई ने कहा कि फेक न्यूज कि वजह से हिंसा हो। किसी की जान जाए, यह नहीं होना चाहिए। ऐसी स्थिति नहीं पैदा होनी चाहिए किसी खबर की वजह से।
याचिकाकर्ता ने कहा सरकार के पास ऐसे कार्यक्रम पर रोक लगाने कि शक्ति है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि मीडिया को जमात के मुद्दे पर रिपोर्टिंग करने से नहीं रोक सकते। यह प्रेस की स्वतंत्रता का मामला है। मरकज के बारे में अधिकांश रिपोर्टें गलत नहीं थीं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केबल टीवी, डीटीएच और ओटीटी पर तकनीकी पहलू क्या हैं और कैसे नियमित किया जाता है, इस पर सरकार पूरा खाका पेश करेगी। इसके लिए
उन्होंने कोर्ट से समया मांगा, जिस पर CJI ने सरकार को तीन सप्ताह का समय दिया है कि टीवी की खबरें, कार्यक्रम को नियमित करने और तकनीक व्यवस्था क्या है, इन सब पहलुओं पर सरकार और सभी पक्षकारों को जवाब दाखिल करें।



