- Back to Home »
- Discussion »
- दामाद को छोड़ सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों और मध्यम वर्गीय लोगों को मिल रहा....निर्मला सीतारमण का कांग्रेस पर व्यंग
दामाद को छोड़ सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों और मध्यम वर्गीय लोगों को मिल रहा....निर्मला सीतारमण का कांग्रेस पर व्यंग
Posted by : achhiduniya
12 February 2021
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा कि हमारी
योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर गरीबों को हो रहा, मध्यमवर्ग
को हो रहा ना कि क्रोनी कैपिटलिस्ट या फिर दामाद को। वित्त मंत्री ने कहा कि कि
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ किसे मिल रहा, दामाद
को मिल रहा है क्या? कांग्रेस के हंगामे के बाद
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दामाद हर घर में होता है, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में दामाद एक विशेष नाम है। विपक्ष
के आरोप का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, सरकार
हर वर्ग के लोगों के लिये काम कर रही है, चाहे वह
गरीब हों या फिर उद्यमी। हम पर साठगांठ वाले पूंजीवाद का आरोप लगाना बेबुनियाद है।
गांवों में सड़कों का निर्माण, सौभाग्य योजना के तहत हर गांव
में बिजली,
छोटे किसानों के खातों में पैसा डालने जैसी
योजनाएं गरीबों के लिये है न कि पूंजीपतियों के लिये। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह
बजट आत्मनिर्भर भारत के लिये है। वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आदत बन
गई है इस तरीके से तथ्यों को पेश करना कि कुछ नहीं किया जा रहा जबकि गरीबों के लिए
हमारी सरकार ने कितना कुछ किया है। हम योजनाएं चला रहे हैं। विभिन्न मुद्दों को
लेकर सरकार को घेरने की कोशिश में जुटी कांग्रेस पर सीतारमण ने तंज कसते हुए कहा
कि हमारी योजनाओं का लाभ गरीबों और मध्यम वर्गीय लोगों को मिल रहा है ना कि दामाद
को। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 का बजट आत्मनिर्भर भारत के लिये है।
उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग के लिये काम कर रही है कि और साठगांठ वाले पूंजीवाद
का आरोप लगाना बेबुनियाद है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि मनरेगा के तहत आवंटित
कोष का उपयोग हमारी सरकार में बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह कहना तथ्य आधारित नहीं
है कि सरकार ने रक्षा बजट में कमी की है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में रक्षा
क्षेत्र के पूंजीगत खर्च में 18 प्रतिशत से अधिक का प्रावधान किया गया है। वित्त
मंत्री ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन योजना के बकाये को पूरा करने का प्रावधान करने
के लिए पिछले बजट में प्रावधान किया गया था जिसकी इस बार जरूरत नहीं थी।



