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आंदोलनों से स्वतंत्रता मिली,किसानों-नागरिकों को ‘आंदोलनजीवी’ कहना देश के क्रांतिकारियों और शहीदों का अपमान है... अखिलेश यादव
Posted by : achhiduniya
09 February 2021
प्रधानमंत्री ने बार बार आंदोलन करने वाले लोगों को आंदोलनजीवी बताया था। उनके इस बयान के बाद देश में सियासत तेज हो गई। विपक्ष ने इस बयान को लेकर प्रधानमंत्री को घेरना शुरू कर दिया। उत्तर प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, आंदोलनों से स्वतंत्रता पाने वाले देश में आंदोलनरत किसानों-नागरिकों को‘आंदोलनजीवी’ जैसे आपत्तिजनक शब्द से संबोधित करना हमारे देश के क्रांतिकारियों और शहीदों का अपमान है। आजादी के आंदोलन में दोलन करने वाले आंदोलन का
अर्थ क्या जाने। उन्होंने कहा, बीजेपी शहीद स्मारक पर जाकर माफी मांगे! जब जवान भी खिलाफ, किसान भी खिलाफ, तब समझो दंभी सत्ता के दिन अब बचे हैं चार। अखिलेश यादव ने पीएम मोदी के इस बयान पर कहा,आंदोलन के बारे में क्या कहा जा रहा है? वो लोग आनंदोलनजीवी हैं। मुझे उन लोगों को क्या कहना चाहिए जो दान लेने के लिए बाहर जाते हैं? क्या वो चंदा जीवा संगठन के सदस्य नहीं हैं? अखिलेश यादव ने लोकसभा में बोलते हुए कहा, इस राष्ट्र ने आंदोलन के माध्यम से स्वतंत्रता प्राप्त की है। आंदोलन के माध्यम से ही असंख्य अधिकार प्राप्त हुए। महिलाओं को आंदोलन के माध्यम से मतदान का अधिकार प्राप्त हुआ। महात्मा गांधी राष्ट्र के पिता बने क्योंकि उन्होंने अफ्रीका, दुनिया और राष्ट्र के लिए आंदोलन किया। अखिलेश ने कहा कि यदि सरकार कहती है कि कानून किसानों के लिए हैं, तो किसान इसे स्वीकार क्यों नहीं कर रहे हैं? लोग, जिनके लिए इसका गठन किया गया है, वो इसे नहीं चाहते हैं। कौन रोक रहा है सरकार? क्या ऐसे आरोप हैं कि आपने कॉरपोरेट्स के लिए कारपेट बिछाया और यह कानून सही नहीं लाए? कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आंदोलनजीवी-परजीवी बयान पर विरोध जताया है। विपक्ष ने कृषि कानून को कॉरपोरेट के फायदे वाला बताया. किसान भी इसको लेकर लगातार आंदोलन को तेज कर रहे हैं।

