- Back to Home »
- Agriculture / Nature , Discussion »
- एपीएमसी-एमएसपी व कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग ऐक्ट पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिया विपक्ष को जवाब....
एपीएमसी-एमएसपी व कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग ऐक्ट पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिया विपक्ष को जवाब....
Posted by : achhiduniya
05 February 2021
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नए कृषि कानूनों पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान कहा कि सरकार ने किसान यूनियनों को 11 बार बुलाकार बातचीत की कोशिश की,हमने
कहा कि प्रावधान में कहां गलती है, हमारा
ध्यान आकर्षित करिए। कृषि मंत्री ने साफ कर दिया कि अगर भारत सरकार किसी भी
संशोधन के लिए तैयार हैं, इसके मायने ये नहीं कि किसान
कानून में कोई गलती है। तोमर ने कहा कि किसान आंदोलन
एक ही राज्य का मसला है। तोमर ने कहा किसानों को इस बात के लिए बरगलाया गया कि ये कानून आपकी जमीन को
ले जाएंगे। मैं कहता हूं कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के ऐक्ट में कोई एक प्रावधान
बताए। कौन सा प्रावधान है जो किसी भी व्यापारी को किसान की जमीन छीनने की इजाजत देता है? लेकिन लोगों को भड़काया जा रहा है कि जमीन चली जाएगी। ऐक्ट में
कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का प्रावधान किया है। कॉन्ट्रैक्ट मूल्य का प्रावधान
किया है। कॉन्ट्रैक्ट मूल्य से फसल का मूल्य बढ़ेगा सीजन पर तो उसका बोनस के
रूप में हिस्सा किसान को मिलेगा, ये प्रावधान किया है। किसान इस
ऐक्ट से कभी भी बाहर हो सकता है। व्यापारी कभी भी बिना पैसे दिए इस ऐक्ट से
बाहर नहीं हो सकता। पंजाब सरकार का कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग ऐक्ट उठाइए। हरियाणा
सरकार का कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग ऐक्ट उठाइए। अभी 20-22 राज्य ऐसे हैं जिन्होंने
कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के लिए नया ऐक्ट बनाया है या उन्होंने एपीएमसी में शामिल
किया है। पंजाब सरकार के ऐक्ट में किसान को जेल जाने का प्रावधान है। अगर वो नहीं
देगा तो 5 लाख रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है। खरीद में ट्रांसपेरेंसी आए।
ई-ट्रांजेक्शन बढ़े। किसान को वाजिब दाम मिले। इसके लिए 1000 मंडियों को ई-नैम
मंडियों के रूप में परिवर्तित किया और 1,000 और कर देंगे। हमने लगातार कोशिश की है
कि कृषक की आमदनी दोगुनी हो। मैं पूरे सदन को सभी किसानों को कहना चाहता हूं कि जो बिल हम लेकर आए हैं, वे किसान के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाले हैं। किसान
की आमदनी बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर किसानों को
बरगलाने का आरोप लगाया। तोमर ने कहा कि खून से खेती केवल कांग्रेस ही कर सकती है। इस पर कांग्रेस के सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए हंगामा किया।
कृषि मंत्री ने इसके बाद विभिन्न प्रावधानों को लेकर सदन के भीतर स्थिति स्पष्ट
की।



