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मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने 100 करोड़ रुपये की वसूली दावे की सुप्रीम कोर्ट से की सीबीआई द्वारा जांच की मांग...
Posted by : achhiduniya
22 March 2021
बीते दिनो उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास
विस्फोटक से भरी स्कार्पियो मिली थी। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA की जांच में अब तक जो भी कुछ सामने आया है उससे पता चलता है कि
पूरे मामले की साजिश पुलिस मुख्यालय और असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (API) सचिन वाझे के ठाणे स्थित घर पर रची गई थी। पुलिस मुख्यालय में
स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन का पहले से ही आना-जाना था। इस केस में वाझे की
भूमिका सामने आने के बाद उसे एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया था। बाद में मुंबई के
तत्कालीन कमिश्नर परमबीर सिंह का भी तबादला कर दिया गया। परमबीर सिंह ने तबादले के
बाद मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर बड़ा खुलासा किया था। परमबीर सिंह ने कहा था कि
अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को कई बार घर पर मिलने के लिए बुलाया। गृह मंत्री ने
वाजे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया था। गृह मंत्री ने वाजे
को बताया था कि मुंबई में लगभग 1,750 बार, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठान हैं। प्रत्येक से हर महीने 2-3 लाख
अगर लिए जाएं तो 40-50 करोड़ का जुगाड़ हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा था कि बाकी
बची रकम अन्य स्रोतों से बनाया जा सकता है। परमबीर सिंह ने अपने इस पत्र में वसूली को लेकर एसपी पाटील नाम
के एक पुलिस अधिकारी के साथ हुए उनके बातचीत का जिक्र भी किया है। परमबीर सिंह और
एसपी पाटील के बीच 16 और 19 मार्च के बीच बातचीत हुई
थी। हालांकि अनिल देशमुख ने इन दावों को गलत बताया था और परमबीर सिंह पर मानहानि का दावा करने की बात कही थी। इस बात को लेकर मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। परमबीर सिंह ने अपील की है कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के घर के सीसीटीवी की जांच की जाए। याचिका में परमबीर सिंह ने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी चिट्ठी में उन्होंने जो दावे किए हैं, उनकी सीबीआई द्वारा जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा अफसर रश्मि शुक्ला ने जो ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर जो रिपोर्ट सबमिट की थी, उसकी भी जांच की जानी चाहिए।



