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- कांग्रेस के नेतृत्व में काम करने को राजी नहीं क्षेत्रीय पार्टियां..ऐसा क्यू कहा संजय राऊत ने....?
Posted by : achhiduniya
01 March 2021
औरंगाबाद में एक पूर्व पार्षद द्वारा आयोजित
जयभीम महोत्सव में राउत ने कहा, एनडीए के सहयोगी अलग हो चुके
हैं और अब ऐसा कोई गठबंधन नहीं है। उसी तरह यूपीए {संयुक्त
प्रगतिशील गठबंधन} के साथ बहुत कम पार्टियां हैं। कई क्षेत्रीय
पार्टियां यूपीए में कांग्रेस के नेतृत्व में काम करने को तैयार नहीं हैं। इसलिए
वर्तमान सरकार के विरुद्ध एक समूह खड़ा करने के लिए यूपीए को फिर से गठित करने की
जरूरत है। शिवसेना नेता ने कहा, ऐसे नए गठबंधन का नेतृत्व शरद
पवार जैसे वरिष्ठ नेता को करना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो भविष्य में और पार्टियां
गठबंधन में शामिल हो सकती हैं,लेकिन कांग्रेस की सहमति के
बिना यह संभव नहीं है। नए गठबंधन का भविष्य कांग्रेस के बलिदान और उदारता पर
निर्भर करेगा।
राउत ने कहा कि इस गठबंधन का भविष्य
कांग्रेस के बलिदान और उदारता पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि देश में अब कोई
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन
(एनडीए) नहीं है क्योंकि उसके सहयोगी अलग हो गए हैं। राउत ने कहा कि इसी प्रकार यूपीए का कोई अस्तित्व नहीं दिख रहा क्योंकि इसमें बहुत कम पार्टियां रह गई हैं। उन्होंने कहा नए गठबंधन का नेतृत्व शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता को करना चाहिए क्योंकि कई क्षेत्रीय पार्टियां कांग्रेस के नेतृत्व में काम करने को राजी नहीं है। राउत ने यह भी जोड़ा कि नया गठबंधन बिना कांग्रेस की उदारता के संभव नहीं है।


