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- क्या मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के कंधे पर बंदूक रख बीजेपी अपने धूर विरोधियो पर साध रही निशाना....?
क्या मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के कंधे पर बंदूक रख बीजेपी अपने धूर विरोधियो पर साध रही निशाना....?
Posted by : achhiduniya
21 March 2021
बीजेपी नेताओं से नज़दीकी के चलते ही क्या परमबीर सिंह को मुंबई के पुलिस
कमिश्नर पद से हटाया गया ? और सबसे अहम सवाल यह कि इस पूरे
विवाद के जरिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की साख को खराब करने की कोशिश हो रही है कि
वे एनसीपी और कांग्रेस का दामन छोड़कर फिर से बीजेपी के भरोसे सरकार चलाने पर मजबूर
हो जाएं? महाराष्ट्र की राजनीति में नेताओं-अफसरों की
नजदीकियों
को समझने वालों का दावा है कि परमबीर सिंह को शिवसेना या एनसीपी के मुकाबले भाजपा का ज्यादा करीबी समझा जाता है। शायद यही कारण है कि 2014 से 2019 तक जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे, तब लगातार चार साल तक वे ठाणे के पुलिस कमिश्न पद पर रहे। उल्लेखनीय है कि परमबीर सिंह को अगले साल सितंबर में रिटायर होना है। अभी वे सर्विस में हैं। सर्विस में रहते हुए कोई अफसर मुख्यमंत्री को सीधे पत्र लिखने की हिम्मत नहीं करता है, वह भी ऐसा
जिसमें अपने ही विभाग के मंत्री पर इतने गम्भीर आरोप हों। जाहिर है कि उनके पीछे कोई तो ऐसी राजनीतिक ताकत है जो फिलहाल अदृश्य है। वैसे मुकेश अम्बानी के घर के बाहर मिली विस्फोटक सामग्री वाली कार और हिरेन मनसुख की रहस्यमय मौत का मामला पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने जब विधानसभा में उठाया था,तब सचिन वाजे और अनिल देशमुख के खिलाफ उनके तेवर काफी तीखे थे,लेकिन परमबीर
सिंह के लिए उनकी बातों में नरमी थी। समझने वाले तो उसी पल इस नरमी का राज समझ गये थे। महाराष्ट्र की राजनीति में एक चिट्ठी से आए भूचाल के बाद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की बात में वाकई कोई दम है कि सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है? हालांकि पर्दे के पीछे से हो रहे इस सियासी खेल से जुड़े
सवालों के जवाब मिलने इतने आसान नहीं हैं,लेकिन अगर सारे विवाद को गहराई से देखें, तो आने वाले दिन महाराष्ट्र में किसी बड़े सियासी तूफान का इशारा कर रहे हैं।




