- Back to Home »
- National News »
- ऑक्सीजन लाने की कमान भारतीय नौसेना के हाथ किया ऑपरेशन समुद्र-सेतु लॉन्च….
Posted by : achhiduniya
30 April 2021
वायुसेना के विमान विदेश से लिक्विड ऑक्सीजन लाने में असमर्थ थे। क्योंकि लिक्विड ऑक्सीजन के आसमान में प्रेशर के बदलाव के चलते लीक होने का खतरा रहता है। यही वजह है कि वायुसेना के एयरक्राफ्ट्स दुबई, बैंकॉक और सिंगापुर से खाली क्रायोजैनिक ऑक्सीजन टैंकर्स लेकर भारत आ रहे थे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अबतक वायुसेना विदेशों से 39 ऑक्सीजन टैंकर लेकर भारत आई है। इन टैंकर्स की कुल क्षमता करीब 670 मैट्रिक टन (एमटी) है। इसके अलावा देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक में भी खाली
टैंकर्स लाने ले जाने का काम वायुसेना के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में वायुसेना के अलग-अलग विमानों ने 124 उड़ानें भरी हैं जिनमें 1798 एमटी ऑक्सीजन भरी जा सकती है। अब देश में ऑक्सीजन की किल्लत से निपटने के लिए भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन समुद्र-सेतु लॉन्च कर दिया है। जिसके लिए अब विदेशों से उच्च क्षमता वाले भरे हुए क्रायोजैनिक टैंकर्स भी भारत लाए जा सकेंगे। इसके लिए नौसेना के जहाज बहरीन से लेकर सिंगापुर और बैंकॉक पहुंच गए हैं। नौसेना के मुताबिक, आईएनएस कोलकता और तलवार युद्धपोत बहरीन के मनामा पोर्ट पहुंच गए हैं। वहां से ये दोनों युद्धपोत करीब 40 मैट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन लेकर मुंबई आएंगे। इसके अलावा आईएनस जलाश्व बैंकॉक के लिए रवाना हो गया है और आईएनएस ऐरावत सिंगापुर जा रहा है। ये दोनों युद्धपोत भी लिक्विड ऑक्सीजन लेकर वहां से जल्द भारत लौटेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बावत सेना के तीनों अंगों यानि थलसेना, वायुसेना और नौसेना के वाइस चीफ सह-सेना प्रमुख, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चैयरमैन (सीआईएससी), सभी कमानों के कमांडर इन चीफ को पूरी तरह छूट दी गई हैं कि कोविड से लड़ने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर दवाईयां और स्वास्थ्य-उपकरण खरीद सकते हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसके अलावा कोर कमांडर्स को 50 लाख तक की पॉवर्स दी गई हैं तो डिवीजनल कमांडर्स (मेजर-जनरल रैंक स्तर के अधिकारी) की वित्तीय-शक्तियां 20 लाख कर दी गई हैं।


