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- 18+ के टीकाकरण पर अभी से लगा ग्रहण...
Posted by : achhiduniya
01 May 2021
केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों के
लिए वैक्सीनेशन शुरू करने का ऐलान किया है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू भी हो गया
है। हालांकि वैक्सीन की शॉर्टेज के चलते दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों
ने अपने यहां वैक्सीनेशन का नया अभियान शुरू करने में असमर्थता जताई है। देश में इस वक्त वैक्सीन की किल्लत के चलते कई राज्यों ने 1 मई
से वैक्सीनेशन शुरू करने से इनकार कर दिया है। दिल्ली में वैक्सीनेशन के अगले चरण
को शुरू करने को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, अभी तक हमारे पास वैक्सीन नहीं पहुंची है। हम लगातार कंपनी
के संपर्क में हैं। हमें उम्मीद है कि कोविशील्ड वैक्सीन की 3 लाख डोज कल या परसो
तक आ जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि अभी दिल्ली
सरकार के पास वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इसलिए 18 से 44 साल के ऐसे लोग जिन्होने
वैक्सीनेशन के लिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराया वह एक मई से वैक्सीन लेने के लिए
अस्पतालों के बाहर लाइन न लगाएं। मध्य प्रदेश में के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह
चौहान ने वैक्सीनेशन को लेकर कहा कि हमने कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों ही वैक्सीन
के लिए कंपनियों को ऑर्डर दिए थे, लेकिन उनसे
संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि 1 मई तक वैक्सीन डोज़ उपलब्ध नहीं हो पाएंगी।
उन्होंने कहा कि जैसे ही टीका उपलब्ध होगा वैक्सीनेशन का अगला चरण शुरू कर दिया
जाएगा। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि वैक्सीन निर्माताओं
ने कहा है कि वे 15 मई से पहले सप्लाई नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे
पास स्टोरेज में वैक्सीन नहीं है। 18+ के टीकाकरण के लिए हमें सात करोड़ वैक्सीन
चाहिए लेकिन ये हमें समय पर मिलनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमने सीरम इंस्टीयूट से बात करके 3.75 करोड़ डोज देने को कहा है,लेकिन चूंकि उन्हें पहले केंद्र सरकार के आर्डर की पूर्ति करना है इसलिए वे फिलहाल हमें वैक्सीन नहीं दे सकते। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट को करीब सात करोड़ डोज का ऑर्डर दिया,लेकिन सीरम के अधिकारी ने 15 मई से पहले इसके ना मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि टीकाकरण शुरू करने के लिए कम से कम पांच दिन का पर्याप्त स्टॉक होना चाहिए। राज्य की क्षमता रोजाना आठ लाख लोगों को टीका लगाने की है। महाराष्ट्र कई बार टीकों की कमी की वजह से टीकाकरण अभियान रोका जा चुका है जो 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए चल रहा है।



