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- दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदले इन सरल वास्तु टिप्स को अपनाकर....
Posted by : achhiduniya
20 April 2021
वर्तमान समय में वास्तुशास्त्र की महत्ता से हर कोई परिचित है
और वास्तुसम्मत घर बनाने के बावजूद कई लोगों को समस्याओं से मुक्ति नहीं मिल पाती।
वर्तमान में कई बार देखने में आता है कि प्रॉपर नक्शा और सुख सुविधाओं का ध्यान
रखने के बावजूद घर में रहने वाले व्यक्तियों के जीवन में तनाव अपनी जगह बना लेता
है और वजह सामने आती है वास्तु के कुछ साधारण से नियमों की अनदेखी करना। आज कल कई
बार व्यक्ति जब परेशानी का निदान ढूंढने निकलता है तब उसे पता चलता है कि उसका
अपना घर ही उसकी समस्याओं का कारण बन चुका है, जिसे
बनाने में वह अपने जीवन भर की पूंजी लगा चुका है। वास्तुशास्त्र में पुराना बेकार
सामान अर्थात कबाड़ को नकारात्मक उर्जा का सोर्स माना गया है, संचय करना मनुष्य का स्वभाव है, इसी
स्वभाव के चलते मनुष्य अपने घर मे बिना उपयोग अनावश्यक सामग्री का संचय कर बैठता
है। व्यक्ति कई बार सोचता है कि संबंधित वस्तु
शायद कभी काम आएगी, एक तो वह सामग्री जो संचय की
गई है, पहले से ही अनुपयोगी और खराब है, दूसरी
वह लम्बे अरसे से एक स्थान पर रहकर नकारात्मक ऊर्जा का कारक बन कर हमारे मानसिक
तनाव का कारण कब बन जाती है, पता ही नहीं चल पाता है। फिर
यहीं तनाव हमें आगे जाकर इंसान के दुर्भाग्य का कारण भी बनने लग जाता हैं, इस अनावश्यक सामग्री में खास कर खराब इलेक्ट्रॉनिक्स आईटम, जैसे बंद पड़ा फ्रिज, रेडियो, टीवी, मोबाइल, गैजेट, टूटी खाट, टूटे फूटे दरवाजे और खिड़कियां, टूटे
शीशे, बच्चों के टूटे खिलौने, रद्दी
फटी पुरानी पुस्तकें, बिना ताले की चाबियां या बिना
चाबी के ताले आदि के साथ ही घर में बंद पड़ी घड़ी तो दुर्भाग्य और समस्या का एक
बडा़ कारण माना गया है। वास्तुशास्त्री के
अनुसार ये सभी वस्तुएं सही कंडीशन में हों अन्यथा इन्हें घर से तुरंत हटा देना
चाहिए। इन वस्तुओं को अपने घर से हटाते ही आप महसूस करेंगे कि आपके जीवन में
सकारात्मकता आने लगी है। वास्तुशास्त्री के अनुसार घर के ईशान कोण में कबाड़ होने पर तनाव के साथ
साथ संतान,
शिक्षा और रोग के साथ कर्ज बढ़ने की संभावना को
बढा देता है। इसके साथ ही घर की पूर्व दिशा में कबाड़ घर तो सरकार से परेशानी के
साथ नाम यश में कमी लाएगा, और आंखों की रोशनी को भी कम कर
सकता है, या आंखों में विकृति ला सकता हैं, आदि आदि, अन्य दिशा और कोण व घर की छत पर भी अलग-अलग प्रभावशाली असर रखता
है। घर कहें या आवास या फैक्ट्री में मकड़ी के जाले, पुराने
जूते भी जो काम नहीं आते वो भी दुर्भाग्य को जन्म देते हैं, ऐसे सभी सामान को कबाड़ी को बेच दे या दान कर दें या कूड़े दान
के हवाले कर दें। इसके साथ ही ध्यान रखें
कि घर में किसी भी नल या टंकी से पानी रिसता हुआ दिखाई दे तो तत्काल प्लबंर को
बुलाकर ठीक करवाना चाहिए अन्यथा इस प्रकार बर्बाद होता हुआ पानी भी घर के वास्तु
को खराब करता है। वास्तुशास्त्री के मुताबिक, अगर इन
छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो न केवल घर से वास्तुदोष को दूर रखकर सफलता
प्राप्त की जा सकती है बल्कि दुर्भाग्य को भी एक हद तक खुद से दूर रखा जा सकता है।




