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- किसानों का पीएम मोदी को पत्र..कही यह बात
Posted by : achhiduniya
22 May 2021
किसान मोर्चा ने कहा कि 26 मई को आंदोलन के छह महीने पूरे हो
जाएंगे। इसी दिन सरकार भी अपने सात साल पूरे करेगी। इस दिन को किसान संगठन काला
दिवस के रूप में मनाएंगे। किसान मोर्चा ने कहा कि सरकार के साथ 11 दौर की बैठक हुई, लेकिन इसके बावजूद भी आंदोलनकारी किसानों की मांगों को नहीं
माना गया। सरकार ने 22 जनवरी 2021 के बाद से बातचीत के दरवाजों को बंद कर दिया।
हमने आंदोलन के दौरान अपने 470 साथियों को खो दिया। किसान नेताओं ने कहा कि दुनिया
का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते सरकार को परिपक्वता दिखानी चाहिए और किसानों
की मांगों पर विचार करना चाहिए। केंद्र सरकार के
तीन नए कृषि कानूनों को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी को प्रत्र लिखा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने पत्र में सरकार से
दोबारा बातचीत शुरू करने की अपील की है। किसान मोर्चा ने चिट्ठी में ये भी कहा कि
कोरोना महामारी के बावजूद देश के अन्नदाता आधे साल से सड़कों पर रहने को मजबूर
हैं। हम अपनी मांग पर अडिग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और एमएसपी
की कानूनी गारंटी दी जाए। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि वह शांतिपूर्ण आंदोलन
में विश्वास रखता है और शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेगा। तीनों कृषि कानून इस प्रकार है:-पहला
कानून का नाम कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 है। दूसरा कानून कृषि
(सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत अश्वासन और कृषि सेवा करार विधेयक, 2020 है, जिसकी अधिक चर्चा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के विवाद में समाधान के मौजूदा प्रावधानों के संदर्भ में की जा रही है। तीसरा कानून आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक, 2020 है। इस कानून के जरिए निजी क्षेत्र को असीमित भंडारण की छूट दी जा रही है।



