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- 30 साल से पुलिस में सेवा फिर भी महाराष्ट्र पुलिस पर भरोसा नहीं है.. परमबीर सिंह पर सुप्रीम कोर्ट के जज ने की टिप्पणी..
30 साल से पुलिस में सेवा फिर भी महाराष्ट्र पुलिस पर भरोसा नहीं है.. परमबीर सिंह पर सुप्रीम कोर्ट के जज ने की टिप्पणी..
Posted by : achhiduniya
11 June 2021
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से वरिष्ठ
अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि याचिका दायर करने वाले के खिलाफ एक के बाद एक
मुकदमे सिर्फ इसलिए दायर नहीं किए जा सकते क्योंकि वह व्हिसीलब्लोवर है. उन्होंने
कहा कि सिंह फिलहाल उनके खिलाफ चल रही सभी जांच को राज्य के बाहर स्थानांतरित करने
और जांच सीबीआई जैसी किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने का निर्देश देने का अनुरोध कर
रहे हैं। पीठ ने कहा, हमारे लिए यह आश्चर्य की बात
है। आप महाराष्ट्र कैडर का हिस्सा रहे हैं और 30 साल से ज्यादा लंबी सेवा दी है।
अब आप कह रहे हैं कि आपको अपने ही राज्य पुलिस पर विश्वास नहीं है। यह आश्चर्यजनक
है। वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हो रही सुनवाई में जेठमलानी ने कहा कि बॉन्बे हाई
कोर्ट ने देशमुख के खिलाफ सिंह के आरोपों की सीबीआई जांच कराने का आदेश दिया है।
उन्होंने दलील दी कि जांच अधिकारी सिंह पर उस पत्र को वापस लेने का दबाव बना रहे
हैं जिसमें उन्होंने पूर्व मंत्री के खिलाफ आरोप लगाये हैं। पीठ ने कहा, ये दोनों अलग-अलग बातें हैं। पूर्व मंत्री के खिलाफ जांच और
आपके (सिंह) खिलाफ जांच अलग-अलग बातें हैं। आप 30 साल तक पुलिस बल में रहे हैं। आपको पुलिस बल पर संदेह नहीं होना चाहिए। अब आप ऐसा नहीं कह सकते हैं कि आप राज्य
से बाहर की एजेंसी से जांच कराना चाहते हैं। जेठमलानी ने पीठ से कहा कि सिंह किसी
शीशे के मकान में नहीं रह रहे हैं और उन्हें फंसाने के लिए फर्जी मुकदमे दायर किए
गए हैं। बंबई उच्च न्यायालय इससे पहले पूर्व मंत्री देशमुख के खिलाफ परमबीर सिंह
सहित तीन व्यक्तियों द्वारा दायर जनहित याचिकाओं में लगाए गए आरोपों की जांच
सीबीआई से कराने का आदेश दे चुका है। गौरतलब है की परमबीर सिंह 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें 17 मार्च
को मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटाकर महाराष्ट्र राज्य होम गार्ड का जनरल कमांडर
नियुक्त किया गया था। इस फेर-बदल के बाद उन्होंनें राज्य के गृह मंत्री और एनसीपी
के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।


