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- हॉलमार्किंग अनिवार्यता से ग्राहको को कैसे होगा फायदा....?
Posted by : achhiduniya
16 June 2021
बीते नवंबर 2019 में सरकार ने स्वर्ण आभूषण और कलाकृतियों पर हॉलमार्किंग 15 जनवरी, 2021 से अनिवार्य किए जाने की
घोषणा की थी। ज्वैलर्स की कोरोना महामारी के कारण समय सीमा बढ़ाए जाने की मांग के
बाद इसे चार महीने आगे बढ़ा दिया गया था। सरकार का कहना है कि सोने के आभूषणों की
विश्वसनीयता,
ग्राहकों की संतुष्टि और उपभोक्ता संरक्षण को
बढ़ाने के लिए हॉलमार्किंग की जरूरत है। अब तक केवल 40 फीसदी सोने के आभूषणों पर
हॉलमार्क था।सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग एक शुद्धता प्रमाणन है, जो अब तक स्वैच्छिक रहा है। हॉलमार्किंग का मतलब है कि सोने को
अब मानक दरों पर बेचा जा सकता है और हॉलमार्क के मुकाबले सोने का एक समान
मूल्यांकन होगा। सरकार द्वारा ग्राहकों के लिए सोने की शुद्धता और मानक दरों को सुनिश्चित
करने के उद्देश्य से सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया गया है। इस
पहल से सोने के आभूषण खरीदते समय लोगों को धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा और ग्राहकों
को ज्वेलरी की शुद्धता की गारंटी मिलेगी। आज से ज्वैलर्स को सिर्फ 14, 18 और 22 कैरेट सोने के आभूषण बेचने की
अनुमति होगी। हॉलमार्किंग के लिए 20, 23 और 24 कैरेट के सोने की भी अनुमति होगी। हॉलमार्किंग के नियमों के
मुताबिक, सोने के गहनों पर चार पहचान होंगी। पहला- बीआईएस मार्क, दूसरा- कैरेट व फाइननेस, तीसरा-
हॉलमार्किंग सेंटर का नंबर और चौथा- ज्वैलर्स आइंडेंटिफिकेशन नंबर। बीआईएस मार्क
या लोगो (BIS
Lab) आपको बताएगा कि ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स से
लाइसेंस प्राप्त लैब ने गहने की शुद्धता प्रमाणित हुई है या नहीं। साथ ही किस लैब
से यह सर्टिफिकेशन हुआ है, इसकी भी जानकारी मिलेगी। सोने की प्योरिटी कैरेट और फाइननेस से आंकी जाती है। 14, 18 और 22 कैरेट के साथ प्रति हजार के
अनुपात में फाइननेस गहनों पर लिखी होगी यानी 22 कैरेट
के गहनों पर 22K
और फाइननेस के लिए 916, यानी ऐसे गहनों में 91.6 प्रतिशत
सोना और बाकी अन्य धातुएं होंगी। 14 कैरेट
के गोल्ड में 58.5 फीसदी गोल्ड और बाकी अन्य धातुएं होंगी। 18 कैरेट के गोल्ड ज्वेलरी में 75 प्रतिशत सोना होगा।



