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- आर्थिक तंगी के चलते CG के 500 स्कूल हुए बंद...
Posted by : achhiduniya
09 June 2021
कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने के बावजूद भी फीस नहीं मिलने के साथ ही छात्रों की
संख्या घटने के कारण छत्तीसगढ़ में करीब 500 निजी स्कूलों में ताले लग चुके हैं। इन
स्कूल प्रबंधकों ने शिक्षा विभाग को विधिवत स्कूल बंद करने की सूचना दी है। यही
वजह है कि अब इन स्कूलों में पढ़ने वाले करीब एक लाख बच्चों की शिक्षा अधर लटक गई
है। साथ ही शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निशुल्क पढ़ने वाले करीब 20 हजार बच्चे
भी मुफ्त शिक्षा से वंचित हो गए हैं। राजधानी रायपुर में ही 35 निजी स्कूलों ने
जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूल बंद होने की जानकारी दी है। इन स्कूलों के बन्द होने
के चलते राज्य में शुरू किए गए स्वामी आत्मानंद सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों
में केवल 40 सीटों पर दाखिले के लिए हजारों आवेदन पहुंचे है। स्कूल बन्द करने के
पीछे के कारण को लेकर स्कूल प्रबन्धन का कहना है कि उनके लिए स्टाफ को तनख्वाह
देने से लेकर स्कूल में लगी बस के साथ ही ऑफिस स्टाफ का खर्च वहन करना काफी
मुश्किलें हो रही है। दुखद बात यह है कि बच्चों कि संख्या भी घट रही है। सबसे
ज्यादा मुश्किल उन स्कूलों की है जिनके खुद के भवन नहीं हैं। प्रबंधकों का कहना है
कि किराए के भवन का किराया देना अब उनके बस की बात नहीं है। राज्य में ज्यादातर
निजी स्कूल किराए के भवन में चल रहे थे। किराया नहीं दे पाने के कारण उनको स्कूल
बंद करना पड़ा है। प्रदेश में कुल 57 हजार निजी-सरकारी स्कूलों में 60 लाख बच्चे
अध्ययनरत हैं। इनमें अकेले छह हजार 615
निजी स्कूल हैं, जहां 15 लाख बच्चे पढ़ते हैं।
इनमें 25
फीसद सीटों पर आरटीआई के तहत तीन लाख एक हजार 317 बच्चे पढ़ते हैं। वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम ने एक निजी न्यूज चैनल से कहा कि अभी पूरी जानकारी और इन स्कूलों की सूची मंगवा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों की सूची भी जुटाने कहा है। किसी भी बच्चे का भविष्य बर्बाद नहीं होगा। सभी का प्रवेश सरकारी स्कूलों में सुनिश्चित किया जाएगा।



