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- 36 FIR दर्ज, बीजेपी के MSME मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार जाने क्या है पूरा मामला...?
Posted by : achhiduniya
24 August 2021
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राणे ने जुलाई माह में ही नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के मंत्री के रूप में पद संभाला है। पुलिस
की टीम मंत्री को गिरफ्तार करने के लिए संगमेश्वर गई थी, राणे 20 साल में ऐसे पहले केंद्रीय
मंत्री है,
जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि राणे
ने दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में ठाकरे यह भूल गए
कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं। बाद में इसी संदर्भ में उन्होंने उद्धव
ठाकरे के खिलाफ
विवादित बयान दिया था। नरेंद्र मोदी सरकार के कैबिनेट मंत्री राणे
ने रायगढ़ जिले में सोमवार को जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान कहा था,यह
शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हुए हैं। भाषण के
दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछताछ करते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो
उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता। खास बात यह है कि राणे खुद एक समय शिवसेना में रह चुके हैं। महाराष्ट्र
के मुख्यमंत्री रह चुके राणे पहले शिवसेना में थे, बाद में
वे
कांग्रेस में आ गये और फिर, 2019 में वह बीजेपी में शामिल
हो गए थे। राणे के इस बयान की शिवसेना ने कड़े शब्दों में निंदा की थी। पार्टी
कार्यकर्ताओं ने मुंबई और कई अन्य स्थानों पर पोस्टर लगाए थे जिसमें राणे को कोम्बडी
चोर (चिकन चोर) बताया गया है। करीब पांच दशक पहले चेंबूर में राणे पॉल्ट्री की दुकान चलाते थे। मामले में नासिक पुलिस, नासिक साइबर और पुणे पुलिस में नारायण राणे के खिलाफ मामला दर्ज
किया गया है। इससे पहले मुम्बई में हुए दो दिन की
तिरंगा यात्रा में उनके खिलाफ
कुल 36 FIR
दर्ज की गई हैं। पहले दिन 19 FIR और दूसरे दिन 17 FIR दर्ज की
गई थीं। राणे की गिरफ्तारी की आशंका उस समय बढ़ गई थी जब गिरफ्तारी से संरक्षण
संबंधी उनकी ओर से दाखिल की गई याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से
इनकार कर दिया था। नारायण राणे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ अपनी टिप्पणी
को लेकर दर्ज FIR को चुनौती देते हुए मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट
में याचिका दायर कर गिरफ्तारी से संरक्षण का अनुरोध किया था,लेकिन कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। अधिवक्ता
अनिकेत निकम के माध्यम से दाखिल राणे की याचिका में प्राथमिकी रद्द करने के लिए
निर्देश देने का आग्रह किया गया है। न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एनजे
जमादार की पीठ के समक्ष दाखिल याचिका में मंगलवार को ही तत्काल सुनवाई की मांग की
गई थी। हालांकि, पीठ ने इस पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और
कहा कि (याचिका का) उल्लेख करने की अनुमति नहीं है। पीठ ने कहा था कि वकील को
प्रक्रिया का पालन करना होगा।



