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- टैक्सपेयर की शिकायत दर्ज करने और निपटारे के लिए जारी हुआ ई-मेल
Posted by : achhiduniya
07 August 2021
पिछले साल 13 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ऑनरिंग द ऑनेस्ट’ प्लेटफॉर्म
की शुरुआत की थी। लॉन्चिंग पर प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस प्लेटफॉर्म में कई सुधार
किए गए हैं,जिनमें फेसलेस एसेसमेंट, फेसलेस
अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर शामिल हैं। फेसलेस एसेसमेंट और टैक्सपेयर्स चार्टर को
उसी दिन शुरू कर दिया गया,लेकिन फेसलेस अपील की व्यवस्था
पूरे देश में 25 सितंबर, 2020 को लागू की गई। चार्टर
में जो बातें लिखी गई हैं, उसे अमली जामा पहनाने के लिए
इनकम टैक्स विभाग ने टेक्नोलॉजी
आधारित फेसलेस स्कीम की शुरुआत की है। टैक्स से
जुड़े काम पारदर्शी और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बना सकें, इसके लिए चार्टर का ऐलान किया गया। इनकम टैक्स से जुड़ी शिकायतें
और उनके निपटारे को लेकर अब टैक्सपेयर को अपनी शिकायत दर्ज कराने और उसके निपटारे
में परेशानी नहीं होगी। भारत सरकार ने इसके लिए तीन ईमेल एड्रेस बनाए हैं जहां
करदाता फेसलेस टैक्स एसेसमेंट, पेनाल्टी और अपील से जुड़ी
शिकायत कर सकते हैं। सरकार की तरफ से जारी तीन ईमेल एड्रेस ये हैं:-
samadhan.faceless.assessment@incometax.gov.in, samadhan.faceless.penalty@incometax.gov.in और samadhan.faceless.appeal@incometax.gov.in. ईमेल एड्रेस जारी होने से टैक्सपेयर की सुविधाएं पहले की तुलना
में बढ़ जाएंगी क्योंकि वे जल्द अपनी शिकायतों का निपटारा करा सकेंगे। पहले यह काम
पत्रों के जरिये होता था जिसमें ज्यादा समय लगता था। अब यह काम ईमेल से होने लगेगा।
टैक्सपेयर चार्टर में भी इस बात का जिक्र
है कि करदाताओं को सुविधाएं बढ़नी चाहिए
ताकि टैक्स से जुड़ी सेवा को और आसान बनाया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अगस्त 2020 को भारत का पहला टैक्सपेयर
चार्टर जारी किया था। इसमें टैक्सपेयर के अधिकार और कर्तव्य बताए गए थे। सरकार इस
चार्टर के जरिये टैक्सपेयर की सेवाओं को आसान बनाने का प्रयास कर रही है। अब नए
सिस्टम में आईटी अपील का काम पूरी तरह से फेसलेस होता है। यह काम कंप्यूटर पर बैठ
कर किया जाता है और इसके लिए इनकम टैक्स के दफ्तर में जाने की जरूरत नहीं होती।
यहां अपील का अर्थ है अपनी शिकायतों को निपटारा कराना जो कि फेसलेस होता है।
हालांकि इसमें गंभीर शिकायतों की अपील नहीं की जाती और बड़ी शिकायतें जैसे बड़े
फ्रॉड, टैक्स चोरी की घटना, छापामारी, अंतरराष्ट्रीय टैक्स मामला आदि को इससे अलग रखा गया है।



