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- क्यू पहुंचा ईवीएम के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग...?
Posted by : achhiduniya
01 September 2021
कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रकोप के मद्देनजर प्रधान न्यायाधीश
की अध्यक्षता वाली पीठ ने 27 अप्रैल 2021 को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत चुनाव याचिकाओं सहित अन्य याचिका दायर करने के लिए
वैधानिक अवधि में ढील दी थी। भारतीय निर्वाचन आयोग 2022 में उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनावों के
लिए ईवीएम के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से छह राज्यों में हो चुके विधानसभा चुनावों के लिए
चुनाव याचिकाएं दायर करने की समय सीमा तय करने की गुहार
लगाई है। आयोग ने अपनी
अपील में इस्तेमाल हुए ईवीएम व वीवीपीएटी को रिलीज करने की मांग की है। इस मामले
पर सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते सुनवाई को तैयार हो गया है। इन मशीनों का अभी
इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है क्योंकि एक आदेश के तहत कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान चुनाव याचिका सहित याचिकायें दायर होने
के कारण इन्हें संरक्षित रखने की समय सीमा बढ़ा दी गयी थी। प्रधान न्यायाधीश एनवी
रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की तीन
सदस्यीय पीठ के समक्ष आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि बड़ी
संख्या में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन
(ईवीएम) और वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल
मशीन (वीवीपीएटी) का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है जबकि आगामी चुनावों के लिये आयोग
को इनकी जरूरत है। पीठ ने सिंह का कथन सुनने के बाद कहा कि इस याचिका पर अगले
सप्ताह सुनवाई की जायेगी। उन्होंने असम, केरल, दिल्ली, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव से संबंधित चुनाव
याचिकाएं दाखिल करने के लिए एक समय सीमा निर्धारित करने का पीठ से अनुरोध किया। वरिष्ठ
अधिवक्ता ने कहा,हमें
इन ईवीएम तथा वीवीपैट मशीनों को ठीक करना
होगा और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा पंजाब जैसे
राज्यों में चुनाव के मद्देनजर इस याचिका पर सुनवाई आवश्यक है। पीठ ने कहा, ठीक है, हम इस पर अगले सप्ताह सुनवाई
करेंगे। आयोग ने अपनी याचिका में कहा है कि इस वजह से हाल ही में सम्पन्न विधान
सभा चुनावों में प्रयुक्त सारी ईवीएम और वीवीपैट अवरुद्ध हो गयी हैं और आगामी
चुनावों में इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।



