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- 2-18 आयु वर्ग के बच्चो के लिए कोरोना वैक्सीन को मिली मंजूरी जल्द होगी उपलब्ध...
Posted by : achhiduniya
12 October 2021
भारत बायोटेक की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में इस बात की जानकारी दी गई है
कि यह वैक्सीन जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी। बयान के अनुसार, यह 2-18 आयु वर्ग के लिए COVID-19
टीकों के लिए दुनिया भर में पहली मंजूरी में से एक का प्रतिनिधित्व करता है। भारत
बायोटेक DCGI, विषय विशेषज्ञ समिति और CDSCO को उनकी त्वरित समीक्षा प्रक्रिया के लिए तहे दिल से धन्यवाद
देता है। अब हम बच्चों के लिए COVAXIN की
उत्पाद लॉन्च और बाजार में उपलब्धता से पहले CDSCO से और नियामक
अनुमोदन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। भारत बायोटेक
ने CDSCO को COVAXIN (BBV152) के लिए 2-18 वर्ष
आयु वर्ग में परीक्षणों से डेटा प्रस्तुत किया है।CDSCO और विषय विशेषज्ञ समिति {SEC} द्वारा डेटा की गहन समीक्षा की गई है और अपनी सकारात्मक
सिफारिशें प्रदान की हैं। सभी आयु वर्ग के लोगों
की वैक्सीन बनाने के बाद बच्चों के वैक्सीन के लिए भारत बायोटेक ने केन्द्रीय
स्वास्थ्य मंत्रालय से ट्रायल की अनुमति मांगी थी। बच्चों के वैक्सीन का ट्रायल
पटना, दिल्ली और कुछ जगहों पर किया गया था। दिल्ली एम्स में ट्रायल के
संयोजक डॉ संजय राय के अनुसार
ट्रालय के दौरान उन्होंने पाया कि बड़े लोगों के
वैक्सीन की तरह भारत बायोटेक की बच्चों की वैक्सीन भी सेफ है। भारत बायोटेक ने
बच्चों को लेकर जिस वैक्सीन को विकसित किया था उसे ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है। इसके बाद जल्द ही अब यह
वैक्सीन बच्चों को दी जाएगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, बच्चों को वैक्सीन कब से और किन्हें सबसे पहले दिया जाएगा, इसके लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। वैक्सीन 12 से 18 साल तक के बच्चों को दी जाएगी। इस आयुवर्ग में भी पहले उन
बच्चों को यह वैक्सीन
मिलेगी जो कोमॉर्बिड (जिन्हें पहले से कोई बीमारी) बच्चें
हैं। केन्द्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार देश में 18 करोड़
बच्चे ऐसे हैं जिन्हें यह वैक्सीन लगनी है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के
सूत्रों के अनुसार, पहले कोमॉर्बिड बच्चों को यह वैक्सीन दी जाएगी।
इस आयु वर्ग के बच्चों को वैक्सीन लगाने में लगभग छह महीने का वक्त लग जाएगा। इसके
बाद ही स्वस्थ्य बच्चों को यह वैक्सीन लगाया जाएगा। एक अनुमान के अनुसार, स्वस्थ्य बच्चों को यह वैक्सीन अगले साल मार्च के महीने से लगना
शुरू होगा। डॉ. संजय राय ने बताया कि देश में बच्चों के लिए दो तरह के वैक्सीन
फिलहाल
उपलब्ध होने जा रही हैं। एक वैक्सीन कैडिला कम्पनी का जायोकिवी डी है, जबकि दूसरा भारत बायोटेक का कोवैक्सीन है। भारत बायोटेक का वैक्सीन वायरस को किल करके
बनाया गया है,
जबकि जायकोवीडी डीएनए बेस्ड वैक्सीन है। डॉ. संजय
राय ने बताया कि जिस तरह के साइड इफेक्टस वैक्सीन लगने के बाद वयस्कों में देखे गए
थे उसी तरह के बच्चो में भी देखे जा रहे हैं। मसलन जिस जगह पर वैक्सीन दिया गया
वहां लोकल पेन, बुखार हो सकता है। इसके साथ कुछ बच्चों में
वैक्सीन लगने के बाद सुस्ती भी आ सकती है। उन्होंने कहा कि इन सभी साइड इफेक्ट्स
के बाद भी वैक्सीन सेफ है।