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- कैप्टन अमरिंदर सिंह के नई पार्टी बनाने के ऐलान के बाद से कांग्रेस को इस बात का सताने लगा डर...
Posted by : achhiduniya
25 October 2021
पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा नई पार्टी बनाने और भाजपा के साथ गठबंधन करने पर कांग्रेस में कई लोगों का मानना है कि कैप्टन शहरी इलाकों में
हिंदुओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। शहरी हिंदू पंजाब की आबादी का 38 फीसदी के करीब हैं। माना जा रहा है कि सीमा पार आतंकवाद और
सुरक्षा के मुद्दों का जिक्र कर वह हिंदू मतदाताओं के बड़े हिस्से को कांग्रेस से
दूर करना चाह रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के सूत्रों का मानना है कि अमरिंदर पंजाब कांग्रेस
अध्यक्ष नवजोत
सिंह सिद्धू के
पाकिस्तान दौरे और पाकिस्तानी सेना प्रमुख के गले लगने का मुद्दा केंद्र में रख कर
हिंदू मतदाताओं का ध्रुवीकरण करना चाह रहे थे। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से
कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री पिछले कुछ समय से सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा का
जिक्र कर रहे हैं। गौरतलब है कि बीते 20 अक्टूबर को कैप्टन ने घोषणा
की थी कि वह जल्द ही अपनी राजनीतिक पार्टी शुरू करेंगे। उन्होंने कहा था कि वह साल
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ
गठबंधन करने के लिए भी तैयार
हैं। एक ट्वीट में अमरिंदर के राजनीतिक सलाहकार ने उनके हवाले से कहा था, पंजाब के भविष्य के लिए लड़ाई जारी है। एक साल से अधिक समय से
अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हमारे किसानों सहित पंजाब और उसके लोगों के
हितों की सेवा के लिए जल्द ही अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी शुरू करने की घोषणा
करूंगा। इसके बाद उन्होंने आगे कहा था, अगर
किसानों के मुद्दों को हल किया जाएगा तो उम्मीद है कि साल 2022 के
चुनाव के लिए
भाजपा के साथ सीट शेयरिंग पर समझौत हो सकता है। साथ ही अकालियों के ढींढसा और
ब्राह्मपुरा गुट के साथ गठबंधन के भी रास्ते खोजे जा रहे हैं। अमरिंदर ने पिछले
महीने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात की थी। इसके
बाद राजनीतिक गलियारों में उनके भाजपा में शामिल होने की अफवाह फैल गई थी। कांग्रेस
के अनुसार जिस पर पार्टी को संदेह था, वह अब
साफ दिख रहा है कि अमरिंदर पंजाब के सीएम के रूप में भी राज्य में हिंदू जनसंख्या
को प्रभावित करने में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के साथ थे। बीएसएफ के अधिकार
क्षेत्र के नियमों में हालिया संशोधन पर अमरिंदर की प्रतिक्रिया में भी इसकी झलक
दिखी। एक ओर जहां मौजूदा सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने इस कदम का विरोध किया तो कैप्टन
ने इसका समर्थन किया।