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- शंख के धार्मिक व वैज्ञानिक रहस्य जानकर हैरान रह जाएंगे आप...?
Posted by : achhiduniya
29 October 2021
शंख की उत्पत्ति सुमद्र मंथन के दौरान हुई थी। इसे घर में रखने
से घर में मौजूद वास्तु दोष का नाश होता है। पूजा घर में शंख रखना और बजाना
युगों-युगों से चला आ रहा है। सिर्फ पूजा-अर्चना के दौरान ही शंख का इस्तेमाल नहीं
किया जाता। बल्कि इसे घर पर रखने के भी कई लाभ हैं। शंख के कई फायदे हैं सिर्फ
पूजा पाठ में ही नहीं, बल्कि हमारी सेहत और धन से भी
जुड़े हैं। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों
ही शंख धारण करते हैं। कहते हैं कि जिस घर में शंख होता है, वहां इन दोनों भगवान की
कृपा रहती है। माता लक्ष्मी को शंख बेहद
प्रिय हैं। धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि जिस घर में शंख होता है वहां
लक्ष्मी जी का वास होता है। शंख को लक्ष्मी जी का भाई बताया गया है। क्योंकि शंख
की उत्पत्ति लक्ष्मी जी की तरह उत्पन्न हुई थी। शंख की गिनती समुद्र मंथन से निकले
चौदह रत्नों में होती है। अतः धनवान बनने के लिए शुक्रवार के दिन लक्ष्मी जी की
पूजा करने के बाद शंख बजाने से घर में सुख-समृद्दि आती है। शंख में जल भरकर माता
लक्ष्मी और शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने
से सभी मनोकामनाएं पूरी होती
हैं। घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए शंख में जल भरकर पूरे घर
में छिड़कने से फर्क दिखता है। शंख बजाने से फेफडों में मजबूती आती है। अस्थमा के
मरीज को नियमित रूप से शंख बजाने से लाभ दिखेगा। इतना ही नहीं, हड्डियों संबंधी समस्या से पीड़ित लोगों को शंख में रखा हुआ
पानी पीना चाहिए। ऐसा करने से बहुत राहत मिलती है। इस पानी में कैल्शियम, फास्फोरस और गंधक होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। जिन
घरों में वास्तु दोष मौजूद होते हैं, वहां