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- जिंदा रहना है तो कम खाओ,मिसाइलों का दम भरने वाला भुखमरी की कगार पर..
Posted by : achhiduniya
28 October 2021
उत्तर कोरिया किम जोंग उन ने खाद्यान संकट के लिए कई कारणों को
जिम्मेदार ठहराया। जोंग ने कहा,लोगों के खाद्यान का संकट बहुत
चिंताजनक हो गया है, क्योंकि कृषि क्षेत्र खाद्यान
के उत्पादन की योजना में फेल साबित हुआ है। एक सूत्र ने रेडियो फ्री एशिया से कहा
कि दो सप्ताह पहले किम ने कहा है कि खाने का यह संकट साल 2025 तक चल सकता है। अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरिया और चीन
के बीच व्यापार की फिर से शुरुआत साल 2025 से पहले
खत्म होती नहीं दिख रही है। उत्तर कोरिया में लोग चावल के
मुक़ाबले मक्का कम पसंद
करते हैं, लेकिन ये चावल से सस्ता होता है इसलिए इसकी खपत ज़्यादा है। इस
समय राजधानी प्योंगयांग में एक किलो चावल की कीमत दिसंबर 2020 के बाद अपने
सर्वोच्च स्तर पर है। हालांकि दाम में उतार-चढ़ाव होता रहता है। बाज़ार भाव पर
नज़र रखकर आर्थिक गतिविधियों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। मौजूदा आर्थिक सकंट को
साल 1990 के अकाल और आपदा की अवधि से जोड़ा जा रहा है। दरअसल, सोवियत संघ के पतन के बाद अकाल के दौरान नागरिकों को एकजुट करने
के लिए अधिकारियों द्वारा कठिन मार्च शब्द
अपनाया गया था। बता दें कि सोवियत संघ प्योंगयांग के