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- बीजेपी को मिला नीतीश कुमार का विकल्प एक तीर से दो निशाने साधेगी भाजपा...
Posted by : achhiduniya
09 March 2023
भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बीते दिनो उपेंद्र
कुशवाहा से मुलाकात की थी। यह मुलाकात कुशवाहा के पटना स्थित आवास पर हुई थी। जहां
दोनों नेताओं में घंटों बातचीत हुई और बिहार में पार्टी को मजबूत करने और लोगों की
चुनाव में पहली पंसद बनने के मुद्दे पर चर्चा हुई। उपेंद्र खुद कुशवाहा जाति से
आते हैं और बिहार में इस जाति के वोटर्स की संख्या लाखों में है और भाजपा को पता
है कि अगर कुशवाहा को अपने पाले में लाया जाता है तो कुशवाहा बहुल क्षेत्र में
पार्टी को फायदा मिल सकता है। इसके अलावा कुशवाहा की पकड़ कोइरी समाज के लोगों में
भी अच्छी खासी है,लेकिन इस वोटबैंक पर हमेशा से मुख्यमंत्री नीतीश
कुमार का
ही दबदबा रहा है और उपेंद्र कुशवाहा को इस वोटबैंक में सेंध लगाना इतना
आसान नहीं होगा। बिहार की सियासत में एक बार फिर कुछ बड़ा होने वाला है। हाल ही
में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को छोड़ अपनी नई पार्टी
बनाने वाले उपेंद्र कुशवाहा भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर सकते हैं। मीडिया
रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने
उपेंद्र कुशवाहा की सुरक्षा के लिए आदेश दे दिए हैं। जिसके बाद से ही राजनीति
गलियारों में बात होने लगी है कि कुशवाहा बिना देर किए हुए भाजपा का दामन थाम सकते
हैं। बता दें कि, पिछले दिनों ही उन्होंने जदयू से इस्तीफा दिया
था।
जिसके बाद वो सीएम नीतीश पर जमकर बरसे थे। उन पर कुशवाहा ने आरोप लगाया था कि
वो राजद में जदयू का विलय करने वाले हैं, पार्टी
का अस्तिव खतरे में डाल रहे हैं। जिसके बाद नीतीश और कुशवाहा में और तेज जुबानी
जंग होते हुए देखे गए थे। मुख्यमंत्री नीतीश ने यहां तक कह दिया था कि उपेंद्र
जहां भी जाना चाहते हैं वहां जाएं उन्हें कोई नहीं रोकेगा। उपेंद्र कुशवाहा इन दिनों बिहार में
"विरासत बचाओ यात्रा" निकाल रहे हैं। राज्य के अलग-अलग जगहों में जाकर
मौजूदा सरकार के
खिलाफ प्रचार-प्रसार कर रहे हैं और सीएम नीतीश के गलत नीतियों को
उजागर कर रहे हैं। कुशवाहा की इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश में अपनी पार्टी को
खड़ा करना है, ताकि आगामी लोकसभा चुनाव और
विधानसभा चुनाव में बेहतर से बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। केंद्र सरकार कुशवाहा को
वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने जा रही है,अब वो 24 घंटे सुरक्षाकर्मियों के घेरे में रहेंगे। केंद्र का यह फैसला
आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। राजनीतिक पंडितों का माना है कि, राज्य में भाजपा को मजबूत करने के लिए वो राजद और जेडीयू के कोर
वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए एनडीए का रूख कर सकते हैं।
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