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- क्या है प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991..? मिली संवैधानिक वैधता चुनौती....
Posted by : achhiduniya
05 April 2023
प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर उच्चतम
न्यायालय में सुनवाई होनी है। प्लेसेस ऑफ़ वर्शिप एक्ट 1991 के प्रावधानों को लेकर टॉप कोर्ट में कुल 6 पिटीशन पर सुनवाई होनी है। इससे जुड़ी याचिकाओं को 9 सितंबर 2022 को तीन जजों की पीठ के सामने
रखा गया था। याचिका पर सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ सिंह, जस्टिस
पीएस नरसिम्हा
और जेपी पादरीवाला तीन जजों की पीठ इस एक्ट की संवैधानिकता और
वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर भी सुनवाई करेगा। प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट
कहता है कि 15
अगस्त 1947 से पहले
देश में जितने भी धार्मिक स्थल हैं उनकी यथास्थिति बनी रहेगी। ये एक्ट आजादी से
पहले हर धर्म के धार्मिक स्थल को एक तरह संरक्षण देती है चाहे फिर वो मस्जिद हो, मंदिर हो, मठ हो, चर्च हो या अन्य सार्वजनिक पूजा स्थल। कोई भी अदालत या सरकार
इसे बदल नहीं सकती। माना जा रहा है
कि कोर्ट के इस याचिका पर फैसले से देश में धार्मिक और राजनीतिक विवादों की नई
दिशा तय होगी।
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