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- आम जनता के 200 करोड़ बर्बाद,संसद की कार्यवाही में हंगामे की वजह से...
Posted by : achhiduniya
12 April 2023
संसद टीवी के मुताबिक बजट सत्र के दौरान लोकसभा
के मुकाबले राज्यसभा में कम काम हुए हैं। अगर आंकड़ों की बात करें तो मोदी सरकार
के दूसरे कार्यकाल में सबसे कम काम इस सत्र में हुए हैं। लोकसभा में 45.55 घंटे (34.28%) और
राज्यसभा ने करीब 31 घंटे (24.4%) काम हुए
हैं। दोनों सदन करीब 25 दिनों का था, इस हिसाब से अगर दिन देखा जाए तो सिर्फ 4 दिन ही ठीक ढंग से संसद का काम हो पाया। हंगामे की वजह से बजट
सत्र में लोकसभा को 96.13 घंटे और राज्यसभा को 103.30 घंटे का नुकसान हुआ। इससे
पहले 2021 का मानसून सत्र सबसे खराब था, जब
हंगामें की वजह से लोकसभा में 77.48 घंटे और राज्यसभा में 76.25 घंटे का नुकसान हुआ था। बिल की बात करें तो सरकार को इस सत्र
में करीब 35 विधेयक पारित कराने थे, लेकिन
सिर्फ 6 विधेयक ही पास हो सके। एक विधेयक समिति के पास भेजी गई है।
लोकसभा में करीब 2099 पत्र टेबल्ड किए गए। सत्र शुरू होने के बाद संसद
की कार्यवाही आम तौर हफ्ते में 5 दिनों तक चलती है। प्रत्येक
दिन संसद की कार्यवाही 7 घंटे तक चलाने की सामान्य
परंपरा है। भारत में 2018
में संसद की कार्यवाही के
खर्च को लेकर सरकार की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई थी। हालांकि, अब इस रिपोर्ट के 5 साल हो
चुके हैं और 2018 की तुलना में महंगाई में भी बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के
मुताबिक संसद में एक घंटे का खर्च 1.5 करोड़
रुपए है। दिन के हिसाब से जोड़ा जाए तो यह खर्च बढ़कर 10 करोड़ रुपए से अधिक हो जाता है। संसद में एक मिनट की कार्यवाही
का खर्च 2.5 लाख रुपए है। इनमें सांसदों के वेतन, सत्र के दौरान सांसदों को मिलने वाली सुविधाएं और भत्ते, सचिवालय के कर्मचारियों की सैलरी और
संसद सचिवालय पर किए गए
खर्च शामिल हैं। हंगामे की वजह से संसद की कार्यवाही 21 दिनों तक नहीं चली। ऐसे में अगर गणित के लिहाज से देखा जाए तो
करीब 210 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
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