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- राष्ट्रध्वज का अपमान यानि देश का अपमान जाने नियम व कानूनी प्रावधान व सजा....?
Posted by : achhiduniya
23 April 2023
किसी भी देश का झंडा उस देश का मान सम्मान होता है
उसका अपमान यानि देश का अपमान माना जाता है। भारत के तिरंगे के भी कई नियम व कानूनी प्रावधान है जैसे सबसे ऊपर केसरिया और सबसे नीचे हरा रंग होना चाहिए। किसी भी स्थिति में ऊपर हरा और नीचे केसरिया रंग
नहीं होना चाहिए। इनके अलावा भी कई ऐसे बातें हैं जिनकी वजह से राष्ट्रीय ध्वज का
अपमान माना जाता है।
भारतीय झंडा संहिता के
नियमों के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति तिरंगे का
जानबूझकर अपमान करता है तो उसे तीन साल तक कैद की सजा या जुर्माना या दोनों की व्यवस्था है। नेशनल
फ्लैग कोड में राष्ट्रध्वज के तीन रंगों के बारे में काफी कुछ बताया गया है। साथ
ही
इसमें तिरंगे को फोल्ड करने का सही तरीका भी बताया गया है। यह बात तो भारत में
अपमान की हो गई। विदेश में तिरंगे के अपमान की सजा की बात की जाए तो जिस देश में
तिरंगा का अपमान हुआ है उस देश के दिल्ली में मौजूद राजनायिक से जवाब तलब किया जा
सकता है। अपना ऐतराज जताया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत हर देश को
अपनी जमीन पर मौजूद भारतीय प्रतीक चिह्नों और संपत्तियों की पूरी सुरक्षा करनी
होती है। यह सभी देशों की सबसे पहली जिम्मेदारी होती है। भारतीय फ्लैग कोड के
मुताबिक तिरंगे को फहराते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि वो झुका न हो, वो जमीन से न छू
रहा हो या फिर उसका कुछ हिस्सा पानी में न डूब
रहा हो अगर ऐसा होता है तो ये तिरंगे का अपमान माना जाएगा। झंडा फटा हुआ या गंदा
नहीं होना चाहिए। घर पर या किसी भी संस्थान में तिरंगा फहराया जा रहा है, तो उसके बराबर या उससे ऊंचा कोई दूसरा झंडा नहीं होना चाहिए।
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