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- समलैंगिक विवाह,भाई बहन यदि आकर्षित हुए तो...कोर्ट में हुई बहस
Posted by : achhiduniya
27 April 2023
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सेक्सुअल ओरिएंटेशन
का जिक्र करते हुए कहा कि इसे लेकर भी दो विचार हैं। एक कहता है कि इसे हासिल भी
किया जा सकता है और दूसरा कहता है कि यह एक सहज चरित्र है। कोर्ट के सामने अपनी
दलील रखते हुए एसजी तुषार मेहता ने एक स्थिति की कल्पना करते हुए कहा मान लीजिए
कोई शख्स अपनी बहन की ओर आकर्षित होता है और स्वायत्तता का दावा करता है और कहता
है कि हम निजी तौर पर इन गतिविधियों में
जाने का दावा कर सकते हैं। तब इसे यह कहकर चुनौती नहीं दी
जा सकती कि इसे कैसे
प्रतिबंधित किया जा सकता है? इस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई
चंद्रचूड़ ने कहा लेकिन यह बहुत दूर की कौड़ी है। विवाह के सभी पहलुओं में
सेक्सुअल ओरिएंटेशन और स्वायत्तता का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। यह तर्क नहीं
दिया जा सकता है कि सेक्सुअल ओरिएंटेशन इतना मजबूत है कि अनाचार की अनुमति दी जाए।
बहस के
दौरान सुप्रीम कोर्ट ने माना कि समलैंगिक लिंग विवाह को कानूनी मान्यता प्रदान करना
संसद का अधिकार क्षेत्र है। न्यायालय ने इस बारे में विचार करने के लिए कहा कि
वैवाहिक स्थिति प्रदान किए बिना समान यौन साझेदारों को कुछ सामाजिक अधिकारों तक
कैसे पहुंच प्राप्त करायी जा सकती है।
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