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- किसानो के 22 करोड़ डकार गए अधिकारी..जाने पूरा मामला..?
Posted by : achhiduniya
17 May 2023
एकीकृत
सहकारी विकास परियोजना विंग सहकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। इस विंग के जरिए किसानों को कृषि व कृषि आधारित
उद्योगों, कुटीर
व घरेलू उद्योगों, मत्स्य, डेयरी
व पशुधन समेत कई क्षेत्रों में सहकारी समितियों के माध्यम से विभिन्न आर्थिक गतिविधियों
को बढ़ावा दिया जाता है। इस विंग के द्वारा केंद्र से मिलने वाली सहायता राशि से
किसानों के हित में योजनाएं संचालित की जाती है। पैक्स सोसाइटियों में गोदाम बनाने
का काम भी इसी विंग द्वारा किया जाता है। साल 2018 से 2022 तक
आइसीडीपी विंग के पास रेवाड़ी जिले में केंद्र सरकार से 22 करोड़
रुपये सहायता राशि आई थी। इस दौरान अंबाला के सहकारिता विभाग में तैनात
सहायक
रजिस्ट्रार अनु कौशिक को रेवाड़ी जिले के आइसीडीपी विंग के महाप्रबंधक का भी चार्ज
दिया गया था,लेकिन 4 सालों तक अनु कौशिक द्वारा
केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि का कही इस्तेमाल नहीं किया गया। इसके बाद
अनु कौशिक ने स्टाफ के अन्य कई सदस्यों के साथ मिलकर इस सरकारी राशि का गबन कर
लिया गया। इस मामले में अब अनु कौशिक की गिरफ्तारी हो चुकी है, वहीं
जल्द ही अन्य कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी। रेवाड़ी सहकारिता मंत्री डॉ.
बनवारीलाल का गृह जिला भी है। सहकारिता
मंत्री द्वारा इस पूरे मामले के जांच के आदेश दिए गए है। गौरतलब है की हरियाणा के रेवाड़ी जिले में
सहकारिता विभाग से संबंधित एकीकृत सहकारी विकास परियोजना विंग में अधिकारियों ने केंद्र सरकार से मिली 22 करोड़
रुपये सहायता राशि को अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलकर सरकार
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