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50,000/- वाली संपत्तियों को आधार से जोड़ने, 10,000/- नगद लेनदेन पर रोक संबंधी एक याचिका हाइकोर्ट में दर्ज...
Posted by : achhiduniya
03 May 2023
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र
शर्मा और न्यायमूर्ति तुषार राव गेदेला की पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करने के बाद केंद्र एवं दिल्ली
सरकारों के वकील से इस पर निर्देश लेने को कहा। याचिका में 50,000 रुपये से अधिक
मूल्य वाली सभी संपत्तियों को आधार से जोड़ने की मांग भी की गई है। इसके अलावा हवाई
टिकट एवं रेल टिकट की खरीद, बिजली बिल, एलपीजी बिल, सीएनजी बिल, नगर निगम बिल और 10,000 रुपये से अधिक कीमत वाले तमाम बिल के
भुगतान में नकदी का इस्तेमाल रोकने का भी
अनुरोध किया गया है। हालांकि इस मामले
में न्यायालय ने किसी को भी औपचारिक रूप से नोटिस नहीं दिया है। यह याचिका दायर
करने वाले वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने केंद्र एवं राज्यों की सरकारों को यह
निर्देश देने की अपील न्यायालय से की है कि 10,000 रुपये से अधिक मूल्य वाले सभी उत्पादों
एवं सेवाओं के लिए नकद भुगतान पर रोक लगाने के लिए समुचित कदम उठाए जाएं। उपाध्याय
ने इस याचिका में कहा है कि आजादी के 75 साल बाद भी देश का एक भी जिला रिश्वतखोरी, काला धन, बेनामी लेनदेन और आय से अधिक
संपत्ति जुटाने से मुक्त नहीं हो पाया है।
इसके अलावा कोई भी जिला भू-माफिया, खननमाफिया, ठेका माफिया और सफेदपोश
राजनीतिक माफिया के चंगुल से आजाद नहीं है। याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से बुधवार को अपना पक्ष रखने
को कहा। बता दें कि दिल्ली उच्च न्यायालय में देश में 10000 रुपये से अधिक मूल्य
के सभी लेनदेन को रोकने संबंधी एक याचिका हाइकोर्ट में दर्ज की गई है। इसके लिए
कोर्ट ने सरकार को यह निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही मामले की अगली सुनवाई अगस्त तक के
लिए स्थगित कर दी गई।
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