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- रोबोट ने दिया जुड़वा बच्चियों को जन्म..जाने क्या है नई तकनीक...?
Posted by : achhiduniya
01 May 2023
तकनिकी युग में कई प्रकार के नितनए शोध किए जा
रहें है,5G,6G व मंगल और चाँद पर मानवीय दुनिया बसाने से लेकर हवा से पानी
बनाना इत्यादी-इत्यादी...लेकिन अब वैज्ञानिकों ने जो प्रयोग किया है वह उन
माता-पिता के लिए आशा की नई किरण है जिनकी कोई संतान नहीं हैं। जिस मशीन ने इसे
संभव बनाया गया, उसे बार्सिलोना के इंजीनियरों ने डिजाइन किया है।
इसे IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन का नया तकनीकी चमत्कार माना जा रहा
है। हर साल पूरी दुनिया में करीब 5 लाख बच्चे आईवीएफ तकनीक से पैदा होते हैं,लेकिन ऐसा अनुमान है कि प्रचलित IVF तकनीक अपनाने में जरूरतमंदों को काफी खर्चे का सामना करना पड़ता
है। ऐसे में
रोबोट के जरिए संतानोत्पति की नई IVF प्रकिया
सुविधाजनक और कम खर्चीली साबित हो सकती है। बार्सिलोना के वैज्ञानिकों ने यहां रोबोट की मदद से
संतानोत्पति के लिए IVF तकनीक में नया प्रयोग किया है।
इसे अंजाम देने के लिए रोबोट ने एक छोटी आईवीएफ इंजेक्शन ली और शुक्राणु कोशिकाओं
को महिला के गर्भाशय में जमा किया। इसके लिए इंजीनियर एडुआर्ड अल्बा ने कदम आगे
बढ़ाये।
उन्होंने शुक्राणु कोशिकाओं को ले जाने वाली एक छोटी आईवीएफ सुई का उपयोग
किया था। अल्बा के साहस की सराहना हो रही है। इस प्रक्रिया को स्टार्टअप कंपनी
ओवरचर लाइफ द्वारा सफल बनाया गया है। गर्भधारण
की यह नई शैली आईवीएफ तकनीक अपनाने वाली महिलाओं को सस्ते और अधिक सुलभ तरीके की
राह खोलती है। रिपोर्ट में ऐसा बताया गया है कि गर्भधारण के लिए रोबोट का इस्तेमाल
एक दर्जन से अधिक बार किया गया। रोबोट ने आईवीएफ
सुई के माध्यम से अंडों को निषेचित
करने के लिए प्रयास किया,लेकिन सफलता इसके बाद जाकर
मिली और जुड़वा बच्चियों का जन्म हुआ। IVF तकनीक
प्रक्रिया प्रयोगों के दौर से गुजर रही है। इसे सर्व सुलभ बनाने में अभी वक्त लगने
की संभावना है,लेकिन इस दौरान जो एक नई जानकारी सामने आ रही है
वो ये है कि भविष्य में इस प्रक्रिया का संचालन जरूरतमंद माता-पिता खुद कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भधारण के इस तकनीक के आम प्रचलन में आने से पहले
बहुत अधिक शोध की जरूरत है। वैसे कोलंबिया विश्वविद्यालय के फर्टिलिटी क्लिनिक के
निदेशक ज़ेव विलियम्स का कहना है गर्भधारण के लिए फिलहाल इंसान ही मशीनों की तुलना
में बेहतर है।
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