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- भूलने की बीमारी का खुल गया वैज्ञानिक रहस्य...?
Posted by : achhiduniya
02 May 2023
अक्सर लोगो की शिकायत होती है की उन्हे कुछ याद नही
रहता। याददाश्त कमजोर होना एक सामान्य प्रक्रिया है जो उम्र के साथ होती है,लेकिन तनाव के अलावा स्वास्थ्य समस्याएं भी याददाश्त को
प्रभावित कर सकती हैं। विषयों पर ध्यान
नहीं देना और भ्रम जैसे भी कई कारण हैं। कई बार याद रखने के लिए कुछ संयोगों की
आवश्यकता होती है जैसे कि समय, स्थान और मौसम यदि हम इन
संयोगों को भूल जाते हैं, तो हम याददाश्त करने में कमजोर हो
सकते हैं। हम जितना नया ज्ञान प्राप्त करते हैं, हमारी
स्मृति भी उतनी ही
ताकतवर होती है,लेकिन अगर हम नए ज्ञान को
अधिक समय तक नहीं याद रख पाते हैं, तो हम उसे भूल सकते हैं। हम अगर कई सारे काम एक साथ कर रहे हैं तो हम बहुत सारी चीज़ों पर
ध्यान नहीं देते हैं। एक्टिव होकर उसपर ध्यान नहीं देते इसलिए वो बात अच्छे से
ब्रेन में रजिस्टर नहीं होती। अगर हम किसी जानकारी को ध्यान लगाकर स्टोर नहीं करते
तो वह भूल जाता है। अगर हमारा दिमाग किसी सोच में गुम रहता है, तब हमारी वर्किंग मेमोरी कम हो जाती है। याददाश्त कम हो
जाने कारणों में
ओवरवर्क, नींद की कमी, सुस्ती, विटामिंस
की कमी, हॉर्मोन्स में कमी आदि भी शामिल हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक किसी भी चीज के भूलने के कई कारण हो सकते
हैं, साथ ही भी बताया कि भूलने में अल्जाइमर में बेसिक फर्क क्या है।
असल में इन दोनों यानि अल्जाइमर बीमारी और सामान्य भूलने की बीमारी में एक बारीक
अंतर है। अल्जाइमर बीमारी एक न्यूरोडेजेनरेटिव बीमारी है जबकि सामान्य भूलने की
बीमारी एक फंक्शनल बीमारी है, इसमें स्मृति की क्षमता में
स्थायी नुकसान नहीं होता है। साथ ही अल्जाइमर वो बीमारी है, जिसमें इंसान चीजें याद नहीं रख पाता है। यहां तक कि कई मामलों
में अपना नाम और पता भी नहीं याद रहता है। हालांकि अल्जाइमर एक उम्र के बाद होने
वाली बीमारी है।
जबकि सामान्य तरीके से
भूलना हमको किसी भी उम्र में आ सकता है। आखिर ऐसा क्यों होता है। इसके जवाब में
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई कारण हो सकते हैं जिसमें अवसाद और तनाव भी शामिल है। तनाव
और अवसाद याददाश्त शक्ति को कम कर सकते हैं।
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