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- क्या कोविड वैक्सीन है युवाओं के हार्ट-अटैक का कारण..जांच में जुटी ICMR..?
Posted by : achhiduniya
20 June 2023
रिसर्च इंस्टीट्यूट अचानक बढ़ रहे हार्ट-अटैक के मामलों और कोरोना वायरस की वैक्सीन दिए जाने के पीछे चार
तरह की स्टडी कर रहा है। बहल ने बताया कि स्टडी के पहले हिस्से में यह जांचा जा
रहा है कि युवाओं की अचानक हो रही मृत्यु के पीछे की वजह क्या है। इसमें यह पता
लगाने का प्रयास किया जाएगा की मौत प्राकृतिक है या फिर अन्य कारणों से उनकी मृत्यु
हुई। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की जांच मुख्यता चार बिंदुओं पर आधारित है। बताया गया कि अगले दो सप्ताह
में इसकी प्राथमिक रिपोर्ट सामने भी आ जाएगी। मनी कंट्रोल वेबसाइट से बातचीत के
दौरान आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल राजीव बहल ने कहा कि इसकी
स्टडी कर रहे
शोधकर्ताओं ने कुछ प्राथमिक जांच की है जिसे जल्द ही साझा किया जाएगा। ICMR आकलन को सार्वजनिक करने से पहले इसका रिव्यू करेगा। ऐसे मृतकों का दिल्ली के एम्स अस्पताल में पोस्टमार्टम
कराया गया है। रिपोर्ट को रिव्यू किया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि मौत
नेचुरल रही या फिर अन्य कारण इसके लिए जिम्मेदार हैं। आईसीएमआर के चीफ ने बताया
कि दूसरी स्टडी अचानक आ रहे हार्ट अटैक और उसके कोरोना वैक्सीन, लंबे समय तक कोविड की चपेट में रहना और मरीज की गंभीर
स्थिति पर आधारित है। राजीव बहल ने कहा,दस्तावेजों के पहले रिव्यू आ चुके हैं। उसमें से हम कुछ सवालों के जवाब
दे रहे हैं।
जैसे ही इनकी समीक्षा हो जाएगी हम परणामों को जारी कर देंगे। उन्होंने कहा,इस स्टडी
के दौरान हमने ऐसे लोगों की जांच की जो लोग कोविड-19 की
चपेट में आए और अस्पताल में भर्ती हुए। ऐसे लोगों को एक साल तक फॉलो किया गया। 40 अस्पतालों से उनकी डिटेल ली गई। आईसीएमआर की स्टडी के मुताबिक
कोरोना महामारी के चलते अस्पताल में भर्ती हुए 14,000 लोगों
में से 600 ऐसे लोग पाए गए जिनकी बाद में घर जाने के बाद
मृत्यु हो गई। इनमें से कुछ मृत्यु प्राकृतिक थी क्योंकि वो काफी उम्रदराज थे। वो
एक से अधिक बीमारियों से ग्रस्त थे। बताया गया कि एक से अधिक बीमारी होने के
अलावा तीन अन्य फैक्टर भी थे जिसकी हम जांच कर रहे थे। हम मृत्यु को वैक्सीन, लंबे समय तक कोविड के रहने और मरीज की गंभीर स्थिति के आधार पर जांच
रहे हैं। तीसरी स्टडी अचानक हुई मृत्यु की हो रही है।
आईसीएमआर चीफ ने कहा,इस स्टडी के दौरान लोगों को चिन्हित किया है जिनकी अचानक से दिल का
दौरा पड़ने या ब्रेन स्टोक के कारण मौत हो गई थी। चौथी स्टडी ऐसे लोगों पर है
जिन्हें दिल का दौरा तो आया लेकिन उनकी मृत्यु नहीं हुई। उन्होने कहा, अधिकांश मृत्यु हार्ट और ब्रेन से संबंधित समस्या के कारण हुई। इस
स्टडी में हम यह पता लगाएंगे कि वो कौन से रिस्क फैक्टर थे जिसके चलते मरीजों
की बॉडी में इस तरह की चीजें हो रही हैं।