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- UCC बिल होगा पास या फेल..? कम बहुमत पर भी मोदी सरकार को नहीं करनी पड़ेगी मशक्कत..
Posted by : achhiduniya
29 June 2023
संसद का मॉनसून सत्र 17 जुलाई से शुरू होकर 10-12 अगस्त
तक चलने की संभावना है. लेकिन माना जा रहा है कि इस सत्र में दिल्ली में
ट्रांसफर-पोस्टिंग वाले अध्यादेश का मुद्दा छाया रहेगा। सरकार कई अन्य बिलों को भी
पास कराने की कोशिश करेगी। इनमें कोस्टल ऐक्वाकल्चर अथॉरिटी संशोधन बिल, वन संरक्षण संशोधन बिल, इंटर सर्विसेज़ ऑर्गेनाइजेशन कमांड, कंट्रोल और डिसिप्लीन बिल शामिल हैं। बहुमत से दूर होने के बावजूद भी समान नागरिक संहिता का बिल राज्यसभा में
पारित कराने के लिए सरकार को ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत नहीं होगी। बीजेपी को
बीजेडी, बीआरएस, वायएसआरसीपी और AAP का समर्थन
चाहिए। AAP के 10,
बीजेडी के 9, वायएसआरसीपी
के 9 और बीआरएस के 7 सांसद
राज्यसभा में हैं। बीजेडी समर्थन का ऐलान कर चुकी है, वहीं आम आदमी
पार्टी भी सैद्धांतिक तौर पर पक्ष में है। BRS बिल देख कर
फैसला करेगी। हालांकि, YSRCP विरोध कर सकती
है। ऐसे में AAP और बीजेडी को मिलाकर यह आंकड़ा बहुमत के पार जा सकता है। समान नागरिक
संहिता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो टूक
बयान के बाद अब माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इस पर जल्दी ही आगे बढ़ेगी। राजनीतिक
दलों में इसे लेकर हलचल तेज हो गई है। विधि आयोग को अब तक साढ़े
आठ लाख से अधिक सुझाव मिल चुके हैं। सवाल है कि क्या सरकार राज्य सभा में समान
नागरिक संहिता के बिल को पारित करा सकती है,जहां उसे
बहुमत नहीं है।
दूसरा सवाल यह भी है कि
दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग पर लाए अध्यादेश का राज्य सभा में क्या होगा? दिलचस्प बात
यह है कि इन दोनों ही बिलों में सबसे अहम भूमिका आम आदमी पार्टी (AAP) की रहेगी। इससे पहले की बात करें तो समान
नागरिक संहिता राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के बावजूद सरकार ने तीन तलाक और
अनुच्छेद 370 के खात्मे करने जैसे
महत्वपूर्ण और विवादास्पद बिल पारित कराए हैं। इसलिए यह समझना आसान है कि सरकार
अगर चाहे तो वह राज्यसभा में समान नागरिक संहिता बिल भी पारित करा सकती है।