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- प्रदूषण मुक्त सौर ऊर्जा में नए मुकाम हासिल करता भारत..
Posted by : achhiduniya
22 July 2023
भारत को अक्षय ऊर्जा
या नवीकरणीय ऊर्जा के संबंध में अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए कई चुनौतियां भी
मिली हैं, जिसमें से एक है,बड़ी
परियोजना के लिए बैंकिंग क्षेत्र को तैयार करना। लंबे समय के लिए वित्त की
व्यवस्था और तकनीकी बाधाओं को दूर कर सकने लायक एक उपयुक्त व्यवस्था तैयार करना ही
फिलहाल एक बड़ी चुनौती है। भारत ने गैर-जीवाश्म स्थापित विद्युत क्षमता का जो
लक्ष्य रखा था, उसे 9 साल पहले ही पूरा कर लिया है। अब योजना यह है कि 2030 तक 50 फीसदी गैर-जीवाश्म इनस्टॉल्ड कैपिसिटी हासिल हो जाए। भारत हरित विकास
और ऊर्जा क्षेत्र में परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। देश
मजबूती के साथ अपनी
जलवायु प्राथमिकताओं को पूरा करने की दिशा में बढ़ रहा है।
भारत ने हमेशा ही जलवायु परिवर्तन को रोकने की दिशा में अपनी नेतृत्व क्षमता का
प्रदर्शन किया है। भारत की योजना 2030 तक गैर-जीवाश्म स्रोत से 50 प्रतिशत बिजली पैदा करने की क्षमता हासिल करना है। दुनिया उन्नत, किफायती और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के लिए जी20 देशों की तरफ देख रही है। भारत में पिछले 9 वर्षों में 190 मिलियन परिवारों को एलपीजी गैस आवंटित किया गया है। इसके अलावा भारत
ने अपने हरेक गांव को बिजली से जोड़ने का ऐतिहासिक लक्ष्य भी हासिल कर लिया है।
2015 में सरकार ने एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल करने को
लेकर एक छोटा सा आंदोलन ही चलाया था,जिसके बाद तो यह दुनिया का सबसे बड़ा एलईडी वितरण कार्यक्रम बन गया। इससे
भारत को 45 बिलियन ऊर्जा-ईकाई
(यूनिट्स ऑफ एनर्जी) की बचत हुई है। उज्ज्वला कार्यक्रम के तहत गरीबों को रियायती
और मुफ्त गैस सिलिंडर दिए गए। भारत ने इस साल 20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल का रोलआउट शुरू किया है और इसका लक्ष्य 2025 तक पूरे देश को कवर करना है। भारत को
टेक्नोलॉजी-गैप को दूर करने के साथ ही ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा भी देना है और अपने
सप्लाई वाले फ्रंट पर भी विविधता लाने की आवश्यकता है।
भारत के पास विश्व की चौथी सबसे बड़ी पवन ऊर्जा क्षमता है और इसकी कुल गैर-जीवाश्म आधारित स्थापित ऊर्जा
क्षमता 157.32 गीगावाट है,जो कि 392.01 गीगावाट की कुल स्थापित बिजली क्षमता का 40.1% है। भारत ने यह लक्ष्य 2030 तक के लिए रखा था, लेकिन 9 साल
पहले यानी 2021 में ही पा लिया है। इसलिए
अब सरकार ने इस लक्ष्य को बढ़ाकर 50 फीसदी का कर दिया गया है। भारत ने गैर-जीवाश्म, इन्स्टॉल्ड इलेक्ट्रिक कैपिसिटी का लक्ष्य 9 साल पहले ही पूरा कर लिया है। अब भारत ने और भी
बड़ा लक्ष्य रखा है। 2030 तक भारत
इंस्टॉल्ड कैपिसिटी का 50 फीसदी
गैर-जीवाश्म करना चाहता है। सौर और पवन ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्वकर्ता की भूमिका
में हैं।