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- पर्सनल लॉ कुरान और सुन्नत से बना UCC पर भड़के..मौलाना अरशद मदनी
Posted by : achhiduniya
05 July 2023
मौलाना अरशद मदनी की अध्यक्षता में जमीयत उलेमा ए हिंद अपनी राय लॉ कमीशन भेजेगा, जिसके मुताबिक कोई भी ऐसा कानून जो शरीयत के खिलाफ हो, मुसलमान उसे मंजूर नहीं करेंगे। मुसलमान सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है,लेकिन अपनी शरीयत के खिलाफ़ नहीं जा सकता। यूनिफॉर्म सिविल कोड देश की एकता
के लिए खतरा है। जमीयत उलेमा
हिंद ने अपने तैयार की गई राय में कहा कि
यूनिफॉर्म सिविल कोड संविधान में मिली
धर्म के पालन की आजादी के खिलाफ है, क्योंकि यह संविधान में नागरिकों को धारा 25 में दी गई धार्मिक आजादी और बुनियादी
अधिकारों को छीनता है। जमीयत की तरफ से कहा गया कि हमारा पर्सनल लॉ कुरान और
सुन्नत से बना है, उसमें कयामत तक कोई भी संशोधन नहीं हो सकता। हमें संविधान मजहबी आजादी
का पूरा मौका देता है।
इससे पहले मौलाना मदनी ने मुसलमानों से यूसीसी के खिलाफ सड़क पर न
उतरने की अपील की थी। जमियत उलेमा ए हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा था कि
प्रधानमंत्री के बयान के बाद लॉ कमीशन का क्या मतलब रह जाता है। हमें लॉ कमीशन पर
यकीन नहीं है। हम तो हमेशा कहते हैं। मुसलमान सड़कों पर न उतरें, हम जो करेंगे कानून के दायरे में रहकर
करेंगे। राय में कहा गया है कि यूनिफार्म सिविल
कोड मजहब से टकराता है। ऐसे में लॉ कमीशन को चाहिए कि वो सभी धर्मों के जिम्मेदार
लोगों से बुलाकर बात करे और समन्वय स्थापित करे।