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- क्या है कामकाजी महिलाओ [Working Woman] की सुरक्षा से जुड़ा पॉश एक्ट..?
Posted by : achhiduniya
19 July 2023
केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार देश भर में
काम करने वाली 50% महिलाएं एक बार अपने करियार में यौन
शोषण का शिकार होती हैं।यही वजह है कि महिलाओं को दफ्तरों में सेक्सुअल हैरेसमेंट
से सुरक्षित रखने के लिए पॉश यानी के प्रोटेक्शन ऑफ वूमेन फ्रॉम
सेक्सुअल हैरेसमेंट एट वर्कप्लेस बनाया गया है। क्या है पॉश एक्ट ( Posh Act)..? पॉश एक्ट बहुत ही
जरूरी स्टेप है जो यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि वर्किंग प्लेस पर महिलाएं
सुरक्षित माहौल में काम करें। हर कामकाजी
महिलाओं को पॉश एक्ट के बारे में जरूर जानना चाहिए। अब तक कई ऐसी महिलाएं हैं जिन्हें इसके बारे में
कोई भी जानकारी नहीं है। दरअसल ये एक्ट
भारत में 2013 में काम करने की जगह पर महिलाओं के साथ
होने वाले सेक्सुअल हैरेसमेंट को रोकने के लिए बनाया गया था। इस एक्ट के तहत
महिलाओं के साथ होने वाले किसी भी तरह के सेक्सुअल हैरेसमेंट की शिकायत की जा सकती
है। यह सभी वर्कप्लेस पर होना जरूरी है। इसके बारे में सभी कर्मचारियों को पता
होना चाहिए कि आपको वर्कप्लेस में कैसा व्यवहार करना है।
अगर कोई भी व्यक्ति किसी
के साथ ऑफिस में कोई गलत हरकत करता है तो इस एक्ट के तहत शिकायत की जा सकती है। इस
एक्ट के तहत 90 दिनों के इसके लिए ऑफिस में बनी इंटरनल
कमेटी या फिर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। कई बार आप ऑफिस में
कंप्लेंट कर सकते हैं और मामला गंभीर होता है तो ऑफिस की कमेटी भी पुलिस स्टेशन
में शिकायत दर्ज कराती है।
ऑफिस के इंटरनल कमेटी को10 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट कंपनी को देनी होती है और दोषी पाए जाने पर
कंपनी आरोपी को सजा देती है।