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- अप्राक्रतिक सेक्स होगा दंडनीय अपराध..
Posted by : achhiduniya
14 August 2023
भारतीय न्याय संहिता [BNS] को
ब्रिटिश काल के भारतीय दंड संहिता [IPC] के स्थान
पर प्रस्तावित किया गया है। IPC के तहत
धारा 377 में कहा गया है,जो कोई भी किसी पुरुष, महिला या जानवर के साथ अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाता है, उसे आजीवन कारावास से दंडित किया जाएगा, या 10 साल की
अवधि के लिए कारावास से दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा। छह
सितंबर 2018 को उच्चतम न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की पीठ ने
सर्वसम्मति से धारा 377 के एक हिस्से को अपराध की
श्रेणी से हटा दिया
था। हालांकि, नये BNS विधेयक में अप्राकृतिक यौन
संबंध पर कोई प्रावधान नहीं है। इसी तरह 27 सितंबर 2018 को पांच न्यायाधीशों की पीठ ने
सर्वसम्मति से IPC की धारा 497 को निरस्त कर दिया था, जिसके
तहत व्यभिचार पुरुषों के लिए एक अपराध था, लेकिन
महिलाओं को इसके लिए दंडित नहीं किया जाता था। BNS विधेयक में व्यभिचार के अपराध से संबंधित कोई प्रावधान नहीं
है। वर्ष 2017 में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम
के पारित होने तक आत्महत्या का प्रयास IPC की धारा
309 के तहत एक दंडनीय अपराध था।

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