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- भारत में इन चीन निर्मित इलेक्ट्रॉनिक सामान पर बैन,क्या होगा इस बैन का असर..?
Posted by : achhiduniya
03 August 2023
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स सामान
के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए कई कदम उठाए हैं। भारतीय बाजार में
बिकने वाले प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक ब्रांड में एचसीएल, सैमसंग, डेल, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, एसर, एप्पल, लेनोवो और एचपी शामिल हैं। सरकार ने चीन से आयातित लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर, अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर,कंप्यूटर
और सर्वेर के आयात पर अंकुश लगा दिया है। आयात पर यह अंकुश तत्काल प्रभाव से लागू
है। साधारण शब्दों में कहें तो अब भारत में चीन निर्मित इलेक्ट्रॉनिक सामान नहीं
मिल सकेंगे। सरकार ने यह फैसला भारत में इन वस्तुओं का निर्माण बढ़ाने और चीन से
आयात को घटाने के लिए किया है।
इस रोक के बाद अब एचपी, डेल, लेनोवो जैसी कंपनियों को भारत में इनकी मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस
करना होगा। ये कंपनियां सीधे चीन से तैयार प्रोडक्ट इंपोर्ट नहीं कर पाएंगी। भारत ने 2022-23 में लैपटॉप सहित 5.33 अरब डॉलर मूल्य के
पर्सनल कंप्यूटर का आयात किया है। 2021-22 में यह आंकड़ा 7.37 अरब डॉलर रहा था। पिछली तिमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स आयात, जिसमें ये तीन
वस्तुएं शामिल थीं। कुल 19.7 बिलियन डॉलर का था। पिछले वर्ष की तुलना में यह 6.25 प्रतिशत ज्यादा है।
हालाँकि, यह कदम डेल ,एसर,समसंग ,पैनासोनिक,एपल,लिनोवो, एचपी जैसी कंपनियों के लिए चुनौती खड़ी कर सकता है। ये
कंपनियां भारतीय बाजार में प्रमुख खिलाड़ी हैं और उपभोक्ता मांगों को पूरा करने के
लिए, विशेष रूप से चीन जैसे देशों से आयात पर निर्भर हैं। किसी उत्पाद के आयात
को बैन की श्रेणी में डालने का मतलब है कि
उनके आयात के लिए लाइसेंस या सरकार की अनुमति अनिवार्य होगी। वैध लाइसेंस होने पर
इन उत्पादों के आयात की अनुमति दी जाएगी। यानी अब विदेशों से ये उत्पाद भारत नहीं
आएंगे। उनके आयात के लिए भारत सरकार से अनुमति जरूरी होगी। ये अंकुश बैगेज नियम के
तहत लागू नहीं होंगे। अधिसूचना में कहा गया, एक लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर, ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिये खरीदे गए, डाक या कूरियर से मंगाए जाने वाले उत्पाद पर आयात
लाइसेंस की अनिवार्यता की छूट रहेगी। ऐसे मामलों में लागू शुल्क का भुगतान कर आयात
किया जा सकता है।
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