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- गणपती की पूजा में वर्जित है तुलसी पत्ते..जाने क्यू....?
Posted by : achhiduniya
16 September 2023
गणपती बप्पा को मुख्य रूप से अक्षत, फूल, दूर्वा और मोदक चढ़ाए
जाते हैं। मगर भूलकर भी पूजा में तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। असल में पौराणिक हिन्दू
मान्यताओं के अनुसार तुलसी ने भगवान गणेश को श्राप दे दिया था। पौराणिक कथा के
अनुसार,एक बार भगवान गणेश
गंगा नदी के घाट पर ध्यान लगाएं बैठे थे। इसी बीच वहां तुलसी देवी आ पहुंची और
उनकी नजर गणेश जी पर पड़ी। तुलसी को भगवान गणेश भा गए और उन्होनें वहीं गणेश जी को
शादी करने का प्रस्ताव दिया। गणेश जी ने इस प्रस्ताव को इनकार कर दिया। इस पर
तुलसी को गुस्सा आया उन्होंने भगवान गणेश को श्राप दिया की उनकी दो शादियां होंगी।
शिव महापुराण के अनुसार
भगवान गणेश की रिद्धि और सिद्धि दो पत्नियां थी। साथ ही
इसमें बप्पा के दो बालकों शुभ और लाभ का भी जिक्र मिलता है। इसी वजह से तब से लेकर
अब तक भगवान गणेश के किसी भी पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता है। मान्यता है
कि बप्पा जिस किसी पर मेहरबान होते हैं उसके सारे बिगड़े काम बन जाते हैं और धन, संपत्ति, शांति और समृद्धि
में वृद्धि होती हैं।
गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा को घर
लाना सबसे शुभ माना जाता है। वैसे तो
भगवान गणेश को सभी प्रकार के फल-फूल चढ़ते हैं, लेकिन अगर आपने
उनके पूजन में भूल कर भी तुलसी पत्ता इस्तेमाल किया तो
आप पाप के भागी बन सकते हैं। इस साल गणेश उत्सव की शुरुआत 19 सितंबर 2023 से हो रही है. एक
हफ्ते तक लोग उनकी पूजा-अर्चना में मग्न रहेंगे।
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