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- सावधान इस मैसेज के साथ साइबर ठग कर रहें है आपका बैंक अकाउंट खाली..कैसे बचे...?
Posted by : achhiduniya
02 September 2023
इंटेरनेट की सुविधा व तत्काल होते काम के बीच साइबर ठगों ने अब ठगी
का एक नया तरीका अपनाया है, जिसके झांसे में लोग आसानी से फंस जा रहे हैं। लोग
इन ठगों के ठगी के तरीकों के बारे में जानते हैं, वैसे ही ये ठगी के नए तरीके ढूंढ निकालते हैं, जिनके जाल में आम आदमी
अक्सर ही फंस जाता है। क्या है साइबर ठगों का वो नया तरीका और कैसे वो खाली कर
सकते हैं आपका बैंक बैलेंस आइए जनते हैं। साइबर ठगों ने अब ट्रैफिक पुलिस द्वारा
भेजे जाने वाले ई-चालान को ठगी का नया रास्ता बनाया है। वे लोगों के मोबाइल पर
ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान मैसेज का हु-बहु मैसेज लोगों के मोबाइल पर भेजते हैं, जिसमें लिखा होता है कि
आपने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है। जिसके लिए आपका चालान किया गया है। इस मैसेज
के साथ वे चालान के भुगतान के लिए एक लिंक भी
भेजते हैं, जिस पर क्लिक करते ही
आपको फर्जी साइट की तरफ रीडायरेक्ट किया जाता है और आपसे ठगी कर भुगतान करवा लिया
जाता है। कई बार इस दौरान बैंक और कार्ड
की डिटेल डालते ही आपके फोन को हैक भी कर लिया जाता है और जब तक आपके बैंक खाते से
मनमानी रकम को वो नहीं निकाल लेते तब तक फोन पर आपका नियंत्रण नहीं रहता है। यह
मैसेज स्कैम आज कल काफी हो रहा है, जिसमें लोग आसानी से फंस रहे हैं,जबकि असली और
नकली ई-चालान मैसेज में कुछ अंतर होता है, जिस पर ध्यान देकर आप खुद को ठगी से बचा सकते
हैं।
सबसे पहली बात की ट्रैफिक पुलिस द्वारा भेजा गया ई-चालान किसी मोबाइल नम्बर
से नहीं भेजा जाता है, जबकि फर्जी मैसेज मोबाइल नंबर से आता है। ऐसे में
अगर किसी नम्बर से आपके पास चालान का मैसेज आये तो आप समझ जाइए की ये फर्जी है। दूसरी
बात की असली चालान के मैसेज में इंजन और चेचिस नम्बर लिखा होता है, जबकि नकली मैसेज में इस
तरह की कोई भी जानकारी नहीं होती है। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण पहचान यह है कि
असली ई-चालान मैसेज में जो भुगतान के लिए लिंक दिया होता है वह .gov.in वाला होता है, जबकि ठगों के द्वारा
भेजे गए मैसेज में जो लिंक होता है वह .in वाला होता है। तो अगर आपके पास भी ऐसा ही
मैसेज आया है तो समझ लीजिए कि साइबर ठगों ने आपके बैंक खाते को साफ करने की नीयत
से यह मैसेज आपको भेजा है।
दिल्ली पुलिस के अफसर के मुताबिक, असली चालान के मैसेज
में इंजन नंबर, चेचिस नम्बर जैसी जानकारी होती है। जिसके साथ भेजे गए लिंक पर क्लिक करने
पर वह लिंक यूजर्स को सरकार की आधिकारिक साइट https://echallan.parivahan.gov.in पर
ले जाती है। वहीं ठगों
द्वारा भेजे जा रहे मैसेज में कुछ इस तरह के फर्जी लिंक होते हैं https://echallan.parivahan.in है। जिसमें gov.in को हटा दिया गया है।
पुलिस ने लोगों के लिए इसे लेकर अलर्ट भी जारी किया है, तो अगर आपके पास भी
चालान का मैसेज आया है तो पहले इस बात की पुष्टि कर लें कि वह असली चालान वाला
मैसेज है या फिर साइबर ठगों ने आपके लिए जाल बिछाया है।
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