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- बढ़ती प्याज की कीमतों पर सरकार लगाएगी ‘बफर स्टॉक’ से बेड़िया....
Posted by : achhiduniya
27 October 2023
उपभोक्ता
मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौसम संबंधी कारणों से खरीफ
प्याज की बुआई में देरी के कारण कम फसल हुई और फसल की आवक में दरी हुई। अधिकारी
ने बताया कि ताजा खरीफ प्याज की आवक अब तक शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन
ऐसा नहीं हुआ। भंडारित रबी प्याज खत्म होने और खरीफ प्याज के आगमन में देरी के
कारण आपूर्ति की स्थिति खराब है, जिसके परिणामस्वरूप थोक और खुदरा दोनों बाजारों में
कीमतें बढ़ रही हैं। खुदरा बाजारों में, बफर स्टॉक के प्याज को दो
सहकारी निकायों भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) और भारतीय
राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ
(एनएएफईडी) की दुकानों तथा वाहनों के जरिए 25 रुपये
प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जा रहा है। दिल्ली में भी बफर स्टॉक का
प्याज इसी रियायती दर पर बेचा जा रहा है। उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार
सिंह ने कहा,हम अगस्त के मध्य से बफर स्टॉक से प्याज दे रहे हैं और
कीमतों में और वृद्धि को रोकने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए हम खुदरा
बिक्री बढ़ा रहे हैं।
मंत्रालय के अनुसार, जिन राज्यों में कीमतों में
तेज वृद्धि हो रही है वहां थोक और खुदरा दोनों बाजारों में बफर स्टॉक से प्याज
दिया जा रहा है। अगस्त के मध्य से 22 राज्यों में विभिन्न स्थानों
पर बफर स्टॉक से करीब 1.7 लाख टन प्याज दिया गया। गौरतलब है की प्याज की अखिल भारतीय औसत
खुदरा कीमत 57 प्रतिशत बढ़कर 47 रुपये प्रति किलोग्राम होने
के बाद केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत दी है।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को खुदरा
बाजारों में 25 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बफर स्टॉक से
प्याज की बिक्री बढ़ाने का फैसला किया। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी
आंकड़ों के अनुसार, प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत शुक्रवार को बढ़कर 47 रुपये
प्रति किलोग्राम हो गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 30 रुपये
प्रति किलोग्राम थी। आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में
शुक्रवार को प्याज की खुदरा कीमत 40 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि
एक साल पहले समान अवधि में यह 30 रुपये प्रति किलोग्राम थी।



