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- झूठे केस में फ़साने का रौब दिखाए खाकी वर्दी तो क्या करें...?
Posted by : achhiduniya
25 October 2023
माली ही बाग उजाड़ने पर उतारू हो जाए तो फूलों
को कौन बचाए... अक्सर लोगों की शिकायत होती है की पुलिस द्वारा उन्हे प्रताड़ित व परेशान
किया जा रहा जो अपराध उन्होंने किया ही नहीं उसे स्वीकार करने या झूठे केस मे फ़साने
के चलते नागरिकों को मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ता है। पुलिस घूसखोरी और किसी और लालच या
दबाव के चलते किसी को परेशान करती है। देशभर में लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस
स्टेशन और पुलिस चौकियां बनी होती हैं। पुलिस का काम अपराधियों को पकड़ना और उन्हें
कड़ी सजा दिलवाने का होता है। साथ ही शहर या कस्बों में होने वाले अपराधों को
पनपने से पहले कुचलने का काम भी पुलिस करती है। हालांकि
कई बार खाकी को लेकर ऐसी
खबरें सामने आती हैं, जिनसे पुलिस की छवि खराब दिखती है।
ऐसे में हम आज आपको ये बता रहे हैं कि अगर मदद करने वाली पुलिस ही परेशान करने लगे
तो आप कहां शिकायत कर सकते हैं। अपराध को रोकने के लिए पुलिस कोई भी एक्शन ले सकती
है और जरूरत पड़ने पर हथियारों का इस्तेमाल भी कर सकती है। हालांकि इस दौरान पुलिस को निष्पक्ष होना चाहिए।
कई बार ऐसे आरोप लगते हैं कि ऐसे में वो शख्स या पीड़ित परिवार कहां शिकायत करेगा?
पुलिस की
प्रताड़ना का शिकार शख्स पुलिस के ही दूसरे विभागों में इसकी शिकायत कर सकता है।
पुलिस में ही एक विजलेंस डिपार्टमेंट होता है, जहां पर आप
पुलिसकर्मियों के रिश्वत लेने या ड्यूटी नहीं निभाने की शिकायत कर सकते हैं। सुप्रीम
कोर्ट ने हर राज्य के लिए एक पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी का गठन करने का निर्देश दिया
था, जिसमें राज्य सरकार या पुलिस अधिकारियों का हस्तक्षेप नहीं
होता। जब पुलिस मदद नहीं कर रही हो या फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रही हो
तो लोग इस कमेटी को अपनी शिकायत दे सकते हैं। ऐसी कंप्लेंट के लिए एक लिखित शिकायत
का प्रावधान होता है, जिसमें पीड़ित शख्स को बताना होता
है कि उसे किस तरह से परेशान किया जा रहा है,अगर शिकायत सही निकलती है और
पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हालांकि भारत के
सभी राज्यों ने पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी का गठन नहीं किया है। जबकि इसके लिए 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए थे। जिन राज्यों में ये
स्वतंत्र कमेटी नहीं बनी है, उनमें पुलिस के सीनियर अधिकारियों
को शिकायत की जाती है।
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