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- स्वामी रामदेव को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई पतंजलि आयुर्वेद के भ्रामक विज्ञापनों पर फटकार....
Posted by : achhiduniya
22 November 2023
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पतंजलि द्वारा एलोपैथ के
विज्ञापनों के खिलाफ याचिका दाखिल कर उन पर रोक
लगाए जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा है। IMA की तरफ से उन विज्ञापनों पर रोक लगाई जाने और उनके खिलाफ
कार्रवाई की जाने की मांग की है। बाबा रामदेव के बयानों और विज्ञापनों में एलोपैथी और उसकी दवाओं और वैक्सीनेशन
के विज्ञापनों के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्र की बेंच ने
पतंजलि
द्वारा एलोपैथ को लेकर भ्रामक दावे और विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए पतंजलि को
फटकार लगाई है। बेंच ने पतंजलि पर
भविष्य में ऐसे विज्ञापनों और बयानों पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। है जस्टिस अमानुल्ला ने कहा है कि भविष्य में
ऐसा करने पर प्रति उत्पाद विज्ञापन पर एक करोड़
रुपये जुर्माना लगाया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर अगले साल 5
फरवरी को सुनवाई करेगा। अदालत ने
कहा कि हम इस मामले को एलोपैथ बनाम आयुर्वेद की बहस नहीं बनाना चाहते हैं, बल्कि याचिकाकर्ताओं ने जो मुद्दा उठाया है उसका समाधान
ढूंढना चाहते हैं।
इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार भ्रामक
चिकित्सा विज्ञापनों से निपटने के लिए एक योजना कोर्ट के सामने रखे। पतंजलि आयुर्वेद ने दावा किया
था कि उनके प्रोडक्ट कोरोनिल और स्वसारी से कोरोना का इलाज किया जा सकता है। इस दावे के बाद कंपनी को आयुष
मंत्रालय ने फटकार लगाई थी और इसके प्रमोशन पर तुरंत रोक लगाने को कहा था। IMA ने कहा
था कि पतंजलि के दावों की पुष्टि नहीं हुई है। ये ड्रग्स एंड अदर मैजिक
रेडेमीड एक्ट 1954 और
कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 जैसे
कानूनों के खिलाफ है।

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