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- गीता का ज्ञान देता है जीवन जीने की कला करता है समस्या का समाधान....
Posted by : achhiduniya
22 November 2023
किसी इंसान के जीवन में दुख आता है, तो वह उसी दुख का दुखड़ा हर समय रोने लगता है। जबकि गीता में समझाया गया है कि इस संसार में
कुछ भी स्थिर नहीं है, हमेशा
परिवर्तन होते रहेंगे। हमें इस बात को समझ लेना चाहिए कि जैसे हमारी ख़ुशी एक समय
तक ही रहती है वैसे भी दुख भी एक समय तक ही रहेंगे और समय आने पर फिर परिवर्तन
होगा। जब भी कोई काम करने का सोचते हैं तो हम
उसके पहले परिणाम पर विचार करते हैं।
गीता में कहा गया है कि काम करने से पहले उसके परिणाम पर विचार नहीं करना चाहिए
जबकि उस प्लान या उस विचार को एक्ज़ीक्यूट करने पर फोकस चाहिए। हर काम हर
परिस्थिति हर घटना के पीछे कोई न कोई ठोस कारण होता है यदि आपके जीवन में दुख है
या आप सफल हो रहे हैं तो इसके पीछे भी ज़रूर कोई कारण है हमें अपनी असफलताओं से
सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। हमने कई बार सुना है कि जो गलत या झूठा होता है वह आगे बढ़
जाता है और सच को परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन श्रीकृष्ण कहते हैं कि सच परेशान हो सकता है लेकिन हार
नहीं सकता।
हमें हमेशा सही काम करना चाहिए और जिस भी काम को हम करें उसे पूरी
ईमानदारी से करना चाहिए, देर-सवेर
हमें सफलता ज़रूर मिलेगी। गीता के अनुसार ज़िंदगी में सफलता पाने के लिए अपने
लक्ष्य के प्रति क्रियान्वित होना। अपने लक्ष्य पर फोकस करना बहुत ज़रूरी है। कई लोग जीवन में कोई लक्ष्य निर्धारित करते हैं
और यदि उसमें उन्हें सफलता नहीं मिलती है तो वे अपना लक्ष्य बदल लेते हैं,लेकिन इस
बात का ख़ास ख्याल रखना चाहिए कि अपना लक्ष्य निर्धारण करने के बाद कड़ी मेहनत
करना चाहिए और उस पर फोकस बनाए रखना चाहिए।
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