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- पॉलिसी सरेंडर चार्ज से जुड़े नियम में बड़े बलवाव से बीमा धारक पर पड़ेगा असर...
Posted by : achhiduniya
27 March 2024
बीमा नियामक के द्वारा किए गए ये बदलाव 1 अप्रैल 2024 यानी
नए वित्त वर्ष से लागू होने वाले हैं। चालू वित्त वर्ष 2023-24 कुछ ही दिन बाद 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। उसके बाद 1 अप्रैल 2024 से
नया वित्त वर्ष 2024-25 शुरू
हो जाएगा। इरडा के अनुसार, नए
नियमों के लागू होने से ये सुनिश्चित होगा कि बीमा कंपनियां मैनेजमेंट की बेहतर
प्रथाओं का पालन करें। इरडा ने एक बयान में नए रेगुलेशंस को नोटिफाई करने के बारे
में जानकारी दी। उसने बताया कि इरडा (इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स) रेगुलेशंस 2024 में छह रेगुलेशंस
को एक यूनिफाइड फ्रेमवर्क में मर्ज
किया गया है। बीमा नियामक का कहना है कि विभिन्न रेगुलेशंस को मर्ज करने का
उद्देश्य बीमा कंपनियों को बाजार की तेजी से बदलती मांग को पूरा करने में सक्षम
बनाना, कारोबार
करना आसान बनाना और इंश्योरेंस की पहुंच में विस्तार लाना है। इरडा के नए
रेगुलेशंस में जो बदलाव हुए हैं, उनमें
एक प्रमुख बदलाव पॉलिसी सरेंडर पर लगने वाले चार्ज को लेकर है,अगर कोई बीमा धारक
मैच्योरिटी की तारीख से पहले अपनी बीमा पॉलिसी को बंद कराता है तो बीमा कंपनियां
उसके लिए कुछ चार्ज वसूल करती हैं, जिसे
पॉलिसी सरेंडर चार्ज कहा जाता है।
इरडा के अनुसार, अब अगर कोई बीमाधारक चौथे से सातवें साल में पॉलिसी को
सरेंडर करता है तो सरेंडर वैल्यू कुछ बढ़ सकती है। बीमा नियामक ने विभिन्न
रेगुलेशंस को आपस में मर्ज करने की मंजूरी इसी महीने दी थी। इरडा ने 19 मार्च को एक बैठक की थी, जिसमें आठ सिद्धांतों पर आधारित कंसोलिडेटेड रेगुलेशंस
को मंजूर किया गया था। उससे पहले नियामक ने बीमा सेक्टर के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की
विस्तृत समीक्षा की थी, जिसके
बाद बदलाव किए गए।


